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पैकिंग को लेकर उठे सवाल
छापेमारी के दौरान टीम को गोदाम के अंदर उर्वरक की पैकिंग से जुड़ी गतिविधियां मिलीं। प्रशासन के अनुसार, कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाले यूरिया को कथित तौर पर टेक्निकल ग्रेड यूरिया के बैग में पैक किए जाने की आशंका सामने आई। वहीं सफेद बैग में रखी संदिग्ध सामग्री को डीएपी के बैग में भरने की तैयारी किए जाने की बात भी सामने आई। मौके से बड़ी संख्या में नए और खाली यूरिया तथा डीएपी के बैग मिलने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी सामग्री को जब्त कर लिया।
छापेमारी में क्या-क्या मिला?
प्रशासन के अनुसार गोदाम और ट्रक से बरामद सामग्री में—
683 बोरी भरी हुई टेक्निकल ग्रेड यूरिया, 188 बोरी टेक्निकल ग्रेड यूरिया ट्रक पर लदी हुई, 117 बोरी भरी हुई डीएपी, करीब 756 बोरी संदिग्ध उर्वरक,करीब 1,000 खाली यूरिया बैग,करीब 700 नए खाली डीएपी बैग,उर्वरक लदा एक ट्रक शामिल है। बरामद संदिग्ध उर्वरक की वास्तविक प्रकृति, गुणवत्ता और उसके स्रोत का पता लगाने के लिए विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है। सामग्री के नमूने भी जांच के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया में हैं।
‘मां अंबे खाद भंडार’ से जुड़ा मामला
जांच के दौरान प्रशासन को जानकारी मिली कि उक्त गोदाम का संचालन ‘मां अंबे खाद भंडार’ के प्रोपराइटर आलोक श्रीवास्तव द्वारा किया जा रहा था। हालांकि बरामद सामग्री वास्तव में किस श्रेणी की है और उसकी गुणवत्ता एवं स्रोत क्या है, इसका अंतिम खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
प्रशासन ने गोदाम को सील करने के साथ ही बरामद उर्वरक, खाली पैकिंग सामग्री और ट्रक को जब्त कर लिया है।
सोनहन थाने में प्राथमिकी की तैयारी
मामले में संबंधित संचालक और अन्य संभावित संलिप्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन की ओर से सोनहन थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है। पुलिस और कृषि विभाग अब पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। एसडीएम अमित कुमार ने कहा कि किसानों के लिए निर्धारित उर्वरक की कालाबाजारी और अवैध रिपैकिंग को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। फिलहाल गोदाम को सील कर दिया गया है और ट्रक सहित बरामद सामग्री जब्त कर ली गई है। आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
किसानों से प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक केवल अधिकृत और पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदें। खाद खरीदते समय PoS मशीन से जारी पक्की रसीद अवश्य लें। किसी भी स्थान पर नकली या संदिग्ध खाद की बिक्री, कालाबाजारी, मुनाफाखोरी अथवा अवैध भंडारण की जानकारी मिलने पर तत्काल कृषि विभाग, संबंधित प्रखंड पदाधिकारी या नजदीकी थाना को सूचना देने की अपील की गई है। प्रशासन ने कहा है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जिले में उर्वरक कारोबार से जुड़े लोगों के बीच हड़कंप की स्थिति है। अब जांच और नमूना परीक्षण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद संदिग्ध सामग्री की वास्तविक प्रकृति क्या है और कथित रिपैकिंग के पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।



