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कैमूर में आंधी-तूफान का कहर: 4 की मौत, 50 घायल, चैनपुर में सोलर प्लांट ध्वस्त, 18 घंटे से बिजली ठप

कैमूर जिले में तेज आंधी, बारिश और तूफान से भारी तबाही। 4 लोगों की मौत, 50 घायल, चैनपुर के कमहरिया गांव में सोलर प्लांट और बीएसएनएल टावर क्षतिग्रस्त, 18 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप।

Bihar: कैमूर जिले में बुधवार की शाम आए तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने भारी तबाही मचा दी। जिलेभर में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 50 लोग घायल हो गए। कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के पोल उखड़ गए, जिससे यातायात और विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। सबसे अधिक असर चैनपुर प्रखंड और पहाड़ी इलाकों में देखने को मिला, जहां सोलर प्लांट और बीएसएनएल टावर के सोलर प्लेट तक क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बताया जाता है कि बुधवार शाम करीब 7 बजे अचानक तेज धूल भरी आंधी शुरू हुई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। तेज हवाओं के कारण घरों की छतों पर लगे सोलर प्लेट उड़ गए, दुकानों के बाहर लगे लोहे के अल्वेस्टर टूटकर बिखर गए और जगह-जगह पेड़ों की डालियां व बिजली के खंभे गिर पड़े। कुछ देर के लिए पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसके बाद शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने हालात और खराब कर दिए।

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चैनपुर के पहाड़ी गांवों में भारी नुकसान

चैनपुर प्रखंड के दुर्गम पहाड़ी गांव कमहरिया में बीएसएनएल मोबाइल टावर संचालन के लिए लगाए गए 19 सोलर प्लेट तेज आंधी में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसके कारण पूरे पहाड़ी क्षेत्र में बीएसएनएल नेटवर्क बंद हो गया है। इसके अलावा गांव में बिजली आपूर्ति के लिए लगाए गए एसकेडब्ल्यू सोलर प्लांट के 24 सोलर प्लेट भी टूटकर बिखर गए। प्लांट के सुपरवाइजर मनोज यादव ने बताया कि वर्ष 2017 में डीडीजी योजना के तहत एलएंडटी कंपनी द्वारा यह सोलर प्लांट लगाया गया था, जिससे गांव के 38 घरों में बिजली आपूर्ति होती थी। अब सभी सोलर प्लेट क्षतिग्रस्त होने से पूरे गांव की बिजली व्यवस्था ठप हो गई है। इसकी सूचना विभाग को दे दी गई है।

18 घंटे , से अधिक तक बिजली गुल, जल संकट गहराया

तेज तूफान के कारण चैनपुर प्रखंड के कई इलाकों में बिजली के पोल गिर गए, जिससे बुधवार शाम से ही विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। करीब 18 घंटे बाद भी कई गांवों में बिजली बहाल नहीं हो सकी है। बिजली नहीं रहने से ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। कई घरों में पीने तक का पानी उपलब्ध नहीं है।

चार लोगों की मौत, 50 घायल

जिले में आए तूफान और बारिश के दौरान अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। सदर अस्पताल भभुआ के डॉक्टर कमलेश प्रसाद ने बताया कि तीन शवों का पोस्टमार्टम किया जा चुका है, जबकि चौथा शव अस्पताल लाया गया है। करीब 50 घायलों का इलाज चल रहा है, जिनमें से तीन-चार गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर किया गया है।

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पेड़ गिरने और आकाशीय बिजली से गई जान

पहाड़िया पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि विनय कुमार ने बताया कि शाहपुर गांव में एक मड़ई पर पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं पहाड़िया खुर्द में आकाशीय बिजली और तेज हवा के दौरान बांस के बागान में छिपे एक व्यक्ति पर बांस का गुच्छा गिर पड़ा, जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।

सड़कें जाम, यातायात प्रभावित

भभुआ-मोहनिया मार्ग सहित कई सड़कों पर पेड़ गिर जाने से देर रात तक आवागमन बाधित रहा। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से सड़कों पर गिरे पेड़ों और डालियों को हटाकर यातायात धीरे-धीरे बहाल कराया गया।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने गुरुवार को भी जिले में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान घरों में सुरक्षित रहने की अपील की है। साथ ही बिजली आपूर्ति बहाल करने और राहत कार्य तेज कर दिया गया है।

 

 

 

 

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