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झोपड़ी में सोने जा रहे थे, तभी हुआ हमला
घायल बबुआ राम लेवाबांध गांव निवासी शिवमूरत राम के पुत्र हैं। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान घायल और उनके परिजनों ने बताया कि मंगलवार की रात खाना खाने के बाद बबुआ राम घर के बाहर स्थित झोपड़ी में सोने जा रहे थे। इसी दौरान पूर्व के विवाद को लेकर दूसरे पक्ष के करीब 10 लोगों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। आरोप है कि मारपीट में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें नहर में फेंक दिया गया। घटना के बाद बबुआ राम घर नहीं लौटे तो परिजनों की चिंता बढ़ गई और उनकी तलाश शुरू कर दी गई।
रातभर तलाश, सुबह नहर के पास मिले
बबुआ राम के लापता होने की सूचना पुलिस को भी दी गई। इसके बाद परिजनों और पुलिस ने रातभर उनकी खोजबीन की, लेकिन उनका पता नहीं चल सका। बुधवार की सुबह नहर से निकले बाहा के पास एक झोपड़ी के पीछे वह घायल अवस्था में पड़े मिले। इसी दौरान वहां मछली पकड़ रहे मल्लाहों की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने जाल की मदद से घायल व्यक्ति को बाहर निकाला और तत्काल इसकी सूचना परिजनों तथा पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को रामपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए भभुआ सदर अस्पताल रेफर कर दिया।
लिखित आवेदन का इंतजार कर रही पुलिस
मामले में करमचट थानाध्यक्ष पंकज कुमार पासवान ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस ने रातभर घायल व्यक्ति की तलाश की थी। फिलहाल उनका इलाज भभुआ सदर अस्पताल में चल रहा है। थानाध्यक्ष के अनुसार, परिजनों की ओर से अभी तक लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। आवेदन मिलने के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अपने स्तर से भी मामले की जांच कर रही है।



