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कर्मा घाट नदी में अचानक बढ़ा पानी बना काल, पशुओं को बांधकर लौट रहे वृद्ध की डूबने से मौत

कैमूर में नदी पार करते समय हादसा, बाढ़ के तेज बहाव में बहने से 60 वर्षीय वृद्ध की मौत

Bihar: कैमूर के अधौरा थाना क्षेत्र में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। कर्मा घाट नदी पार करने के दौरान अचानक बढ़े बाढ़ के पानी और तेज बहाव की चपेट में आने से करीब 60 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई। हादसे के बाद गुरुवार सुबह नदी में उनका शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।मृतक की पहचान दुघा गांव निवासी जग्गू उरांव (60), पिता स्वर्गीय मथुरा उरांव के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, जग्गू उरांव रोजाना की तरह बुधवार को गाय-भैंस चराने के लिए निकले थे। पशुओं को चराने के बाद उन्होंने कर्मा घाट नदी के दूसरी ओर स्थित गौशाला में मवेशियों को बांधा और इसके बाद अपने घर लौटने के लिए नदी की तरफ बढ़े। इसी दौरान नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नदी पार करते समय पानी के तेज बहाव ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि बहाव के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वह देखते ही देखते पानी में बह गए। देर शाम तक जग्गू उरांव के घर नहीं लौटने पर परिजन चिंतित हो गए। इसके बाद परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने आसपास के इलाकों में उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बावजूद रात तक उनका कोई पता नहीं चल सका।

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गुरुवार सुबह नदी में मिला शव
गुरुवार सुबह कर्मा घाट नदी में ग्रामीणों की नजर पानी में तैर रहे एक शव पर पड़ी। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। अधौरा पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की सहायता से शव को नदी से बाहर निकलवाया। पहचान होने के बाद पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया। मृतक के भतीजे जुगेंद्र उरांव ने बताया कि जग्गू उरांव पशुओं को गौशाला में बांधने के बाद घर लौट रहे थे। इसी दौरान नदी में अचानक बाढ़ आ गई और तेज बहाव में वह बह गए। देर रात तक उनके वापस नहीं आने पर परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। अगले दिन नदी में शव मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

परिवार के सामने आर्थिक संकट
परिजनों के अनुसार, जग्गू उरांव के दो बेटे थे। इनमें से एक बेटे की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि दूसरा बेटा जीवित है। परिवार का कहना है कि जग्गू उरांव ही घर के खर्च और अन्य पारिवारिक जिम्मेदारियां संभालते थे। उनकी अचानक मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। शव मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने जिला प्रशासन से आपदा के तहत मिलने वाली सहायता और उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।

नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था की मांग
इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने बरसात के दौरान नदी और पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ने वाले जलस्तर को लेकर चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि अचानक पानी बढ़ने और तेज बहाव के कारण ऐसे घाटों पर हादसे का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से संवेदनशील नदी घाटों को चिह्नित कर सुरक्षा व्यवस्था करने तथा बाढ़ के दौरान लोगों को नदी पार करने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

 

 

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