Bihar: कैमूर जिले के मोहनिया थाना में भारत गैस एजेंसी के मालिक जो ग्राम कथराई, थाना कोचस, जिला रोहतास के निवासी हैं उनकी पत्नी के द्वारा मोहनिया थाने में आवेदन देकर बीते 14 जनवरी को अपहरण कर लेने की बात बताते हुए प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी, उक्त मामले का पुलिस ने सफलतापूर्वक उद्भेदन कर लिया है, पुलिस के द्वारा किए गए खुलासे में जो बातें सामने आई हैं उसके अनुसार गैस एजेंसी संचालक अपने खुद के अपहरण की साजिश रची थी।
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शुक्रवार भभुआ आरक्षी अधीक्षक कार्यालय में कैमूर एसपी राकेश कुमार के द्वारा प्रेस वार्ता के दौरान दी गई जानकारी के मुताबिक गैस एजेंसी संचालक धर्मेंद्र प्रताप के अपहरण की शिकायत उनकी पत्नी के द्वारा 15 जनवरी 2022 की तिथि को मोहनिया थाने में दी गई, जिसमें उनके द्वारा बताया गया कि 14 जनवरी शाम के लगभग 3 बजे इनके पति मोटरसाइकिल से घर आ रहे थे उस दौरान ग्राम बरहुली के पास अज्ञात अपराधियों के द्वारा अपहरण कर लिया गया है, मामले में कांड संख्या 16/22 दर्ज करते हुए अनुसंधान प्रारंभ कर दिया गया।
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इस अनुसंधान में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी टीम एवं डीआईयू टीम एक साथ कार्य कर रही थी, जांच के क्रम में यह जानकारी मिली की अपहृत अपने एक संबंधी के यहां वाराणसी में रह रहा है, पुलिस के द्वारा तत्काल छापेमारी करते हुए सकुशल धर्मेंद्र प्रताप को बरामद कर लिया गया, पूछताछ के दौरान जो बातें सामने आई, उसमें पता चला कि धर्मेंद्र प्रताप के ऊपर अत्यधिक कर्ज था जिसके वजह से वह काफी परेशान था, खुद के अपहरण की साजिश रच यहां से वह आत्महत्या के इरादे से चला गया।
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उस दौरान, वह हरिद्वार, देहरादून, उत्तराखंड, अयोध्या आदि क्षेत्रों में गया साधु संतों से मुलाकात हुई सांसारिक मोहमाया से मोहभंग हुआ और बैरागी बनाकर उधर ही रहने लगा, तभी घूमते घूमते वह अपनी पत्नी की फुआ जो वाराणसी में रती है वहां आकर रहने लगा, जिसकी सूचना पुलिस को मिली जहां से सकुशल बरामद किया गया, इस मामले पर सफल उद्भेदन में अनुमंडल पदाधिकारी मोहम्मद फैज अहमद खान, मोहनिया थाना अध्यक्ष ललन कुमार, एसआई शंभू कुमार एवं डीआईयू टीम के संतोष कुमार वर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा जिस कारण इस पूरे मामले का खुलासा हुआ है।
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