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हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने से अब देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुंडेश्वरी धाम की यात्रा और अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
हेलीकॉप्टर टूरिज्म के तहत पटना से मां मुंडेश्वरी धाम तक आने वाले यात्रियों के लिए करीब ₹6,000 का किराया निर्धारित किया गया है। श्रद्धालु पर्यटन विभाग की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। इस सेवा के शुरू होने से पटना और कैमूर के बीच धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
पटना से पहुंचे सचिन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मुंडेश्वरी धाम और इसके आसपास के क्षेत्र को विकसित करने के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में मुंडेश्वरी को यूनेस्को साइट के रूप में विकसित कराने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यदि मुंडेश्वरी को यूनेस्को साइट का दर्जा मिलता है तो देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इससे कैमूर में पर्यटन आधारित रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। मुंडेश्वरी धाम परिसर में मौजूद ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के अवशेषों को भी व्यवस्थित और संरक्षित करने की योजना पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार जो अवशेष टूटे या बिखरे हुए हैं, उन्हें पुरातत्व विभाग के निर्धारित नियमों और कानून के अनुरूप संरक्षित एवं व्यवस्थित करने का प्रयास किया जाएगा। हेलीकॉप्टर टूरिज्म की पहली उड़ान के साथ कैमूर के धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। अब आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस सेवा के माध्यम से मुंडेश्वरी धाम में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में कितना इजाफा होता है।



