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SC-ST अत्याचार अधिनियम के तहत चैनपुर और नुआंव के दो मृतकों के आश्रितों को मिलेगी 8 हजार मासिक पेंशन

कैमूर में दो मृतकों के आश्रितों को मिलेगी ₹8,000 मासिक पेंशन, डीएम ने दी मंजूरी

Bihar: कैमूर जिले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। जिलाधिकारी, कैमूर ने दो अलग-अलग मामलों में मृतकों के आश्रितों को प्रतिमाह 8,000 पेंशन भुगतान की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से दोनों पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों मामलों में आश्रितों को 5,000 मूल पेंशन के साथ 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता यानी 3,000 अतिरिक्त दिया जाएगा, इस तरह प्रत्येक आश्रित को कुल 8,000 प्रतिमाह पेंशन का लाभ मिलेगा। पेंशन का भुगतान संबंधित घटना की तिथि से देय होगा।

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चैनपुर थाना क्षेत्र के मामले में मृतक की मां को मिलेगी पेंशन

पहला मामला चैनपुर थाना कांड संख्या 284/26 से संबंधित है। यह घटना 17 जून 2026 को हुई थी। इस मामले में सिकंदरपुर गांव निवासी मृतक प्रिंस कुमार की आश्रित माता बिंदु देवी, पति नब्बन गौंड को पेंशन देने की स्वीकृति दी गई है। एससी-एसटी अत्याचार निवारण नियमावली, 1995 के नियम 12(4) के तहत घटना की तिथि से 8,000 प्रतिमाह पेंशन का भुगतान किया जाएगा। इस मामले में मुआवजे की प्रथम किस्त के रूप में 4,12,650 की राशि का भुगतान पहले ही किया जा चुका है।

नुआंव थाना क्षेत्र के मामले में मृतक की पत्नी को लाभ

दूसरा मामला नुआंव थाना कांड संख्या 69/26 से जुड़ा है। 5 अगस्त 2026 को हुई घटना में अखनी गांव निवासी रविन्द्र कुमार की मृत्यु हो गई थी। इस मामले में उनकी आश्रित पत्नी जयश्री पांडुरंग पालेकर को घटना की तिथि से 8,000 प्रतिमाह पेंशन देने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त मुआवजे की प्रथम किस्त के रूप में 4,12,650 की राशि भी स्वीकृत की गई है।

जिला कल्याण शाखा की अनुशंसा पर डीएम ने लिया निर्णय

जिला कल्याण शाखा द्वारा दोनों मामलों से संबंधित संचिकाएं प्रस्तुत किए जाने के बाद जिलाधिकारी ने नियमानुसार पेंशन भुगतान की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की। जिला प्रशासन का कहना है कि एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत पीड़ितों एवं उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है।

 

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