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प्रकृति की रक्षा करना हर मनुष्य का कर्तव्य
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए जीयर स्वामी ने प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रत्येक तत्व का अपना महत्व है। सूर्य का प्रकाश देना और चंद्रमा का शीतलता प्रदान करना प्रकृति के नियमों का हिस्सा है। इसी प्रकार मनुष्य को भी अपने निजी स्वार्थ के लिए प्रकृति को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर जीवन प्रकृति के कारण ही संभव है। इसलिए पर्यावरण की रक्षा करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। प्रकृति के संतुलन को बनाए रखना केवल सामाजिक आवश्यकता ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से भी जुड़ा विषय है।
सनातन परंपरा में प्रकृति का विशेष महत्व
जीयर स्वामी ने कहा कि सनातन धर्म में प्रकृति की पूजा का विशेष महत्व रहा है। हमारी पूजा-पद्धति में इस्तेमाल होने वाली अधिकांश सामग्री प्रकृति से प्राप्त होती है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण को धार्मिक आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी, दोनों के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने लोगों से प्रकृति के प्रति संवेदनशील रहने और उसके संरक्षण के लिए आगे आने का संदेश दिया।
न्यास समिति के पदाधिकारी और श्रद्धालु रहे मौजूद
इस अवसर पर श्रीहरसू ब्रह्म स्थान न्यास समिति के अध्यक्ष रामाधार पांडेय, सचिव वीरेंद्र पांडेय, प्रदीप तिवारी, चंद्रमा सिंह, अनिल तिवारी, वेद प्रकाश तिवारी, रमेश देव त्रिपाठी, ब्रह्म प्रकाश द्विवेदी और राजू पटवा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। जीयर स्वामी के आगमन और उनके प्रवचन से मंदिर परिसर में धार्मिक उत्साह का वातावरण बना रहा।



