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गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी
पुलिस को जानकारी मिली थी कि रामपुरहरि थाना क्षेत्र के सलेमापुर और गोरिगामा टोला में कुछ युवक डिजिटल फ्रॉड को अंजाम दे रहे हैं। सूचना मिलते ही साइबर थाना के डीएसपी हिमांशु कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने छापेमारी कर अर्जुन कुमार और रणधीर कुमार नाम के दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने साइबर ठगी में शामिल होने की बात स्वीकार की।
कई राज्यों में फैला था नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि इस गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा था। जब बरामद मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर की गई तो इनके खिलाफ देश के 30 से ज्यादा राज्यों से शिकायतें दर्ज मिलीं। आरोपी लोगों को ज्यादा मुनाफे का लालच देकर निवेश करवाते थे और फर्जी गेमिंग ऐप के जरिए उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लेते थे।
छापेमारी में मिले कई सबूत
पुलिस ने आरोपियों के पास से कई डिजिटल उपकरण और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं। बरामद सामानों में 9 स्मार्टफोन, 14 डेबिट कार्ड, एक पासबुक, 11 चेक बुक, एक लैपटॉप, आधार और पैन कार्ड के साथ ही 5 फर्जी मुहरें शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इन मुहरों का उपयोग फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किया जाता था।
लोगों से सावधान रहने की अपील
साइबर डीएसपी ने प्रेस वार्ता में बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के बैंक लेनदेन की जांच की जा रही है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान निवेश योजना, घर बैठे पैसे कमाने के ऑफर या संदिग्ध गेमिंग ऐप्स से सावधान रहें। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपना ओटीपी, पिन या बैंक से जुड़ी जानकारी साझा न करें। अगर कोई साइबर ठगी का शिकार होता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।





