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निगरानी विभाग के डीएसपी एसके भौआर ने बताया की देवधा थाना क्षेत्र के भदौर गांव निवासी ऋषिकेश कुमार ने निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी, इसमें उन्होंने कहा था की देवधा थाने में दर्ज कांड संख्या 110/21 में मामला निपटाने के लिए उनसे 26 हजार रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है, निगरानी टीम सत्यापन में शिकायत सही पाई गई, जिसके बाद दोनों घूसखोर पुलिस कर्मियों को दबोचने के लिए निगरानी विभाग की टीम ने जाल बिछाया और शुक्रवार की सुबह देवधा थाने परिसर से एएसआई और चौकीदार को घुस लेते रंगे हाथ दबोचने में सफल रही।
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निगरानी विभाग की टीम दोनों आरोपित पुलिस कर्मियों को अपने साथ पटना लेकर रवाना हो गई, दरअसल देवरा थाना क्षेत्र के भादौर गांव निवासी ऋषिकेश कुमार पर मारपीट को लेकर कांड संख्या 110/21 दर्ज किया गया था, मामले को रफा-दफा करने को एएसआई सुभाष चंद्र राम और चौकीदार रामप्रीत पासवान ने 26000 रुपए रिश्वत की मांग की थी।
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उसराही गांव निवासी चौकीदार रामप्रीत पासवान वर्षों से देवधा थाना में मुंशी का काम भी संभालता है, जिस कारण उसका रसूख किसी पुलिस पदाधिकारी से कम नहीं है, स्थानीय होने के कारण अक्सर लोग पैरवी लेकर उसी के पास पहुंचते है, चौकीदार कांड के अनुसंधानकर्ता के साथ पैरविकारों का डील करने में अहम भूमिका का निर्वहन करता था, उसी डीलिंग ने उसे निगरानी टीम के चंगुल में फंसा दिया, वही एएसआई सुभाषचंद्र राम विगत 1 वर्ष से देवधा थाने में पदस्थापित है।
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