Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
मृतक की पहचान चौकीदार जितेंद्र पासवान के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि देर रात थाना क्षेत्र में गश्ती और निगरानी के दौरान कुछ संदिग्ध लोगों से चौकीदार की कहासुनी हो गई थी। इसी दौरान बालू माफियाओं से जुड़े अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर दिया। घटना थाना के सामने हुई, जिससे पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया।
घायल अवस्था में जितेंद्र पासवान को आनन-फानन में इलाज के लिए पावापुरी मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की पुष्टि पुलिस प्रशासन ने भी कर दी है। चौकीदार की मौत के बाद पुलिस विभाग में शोक की लहर है, वहीं स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। घटना के बाद पुलिस ने इलाके में छापेमारी शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर बिहार में बालू और शराब माफियाओं के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए कि वे खुलेआम पुलिस तंत्र को चुनौती देने लगे हैं।



