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बाहर से देखने पर ट्रक में सड़े हुए गोबर जैसी खाद लदी हुई थी, लेकिन जांच के दौरान वाहन के अंदर लोहे से बनाया गया एक गुप्त तहखाना मिला। उत्पाद विभाग की टीम ने जब तहखाने को खोला तो उसके अंदर शराब की बड़ी खेप देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। तलाशी के बाद करीब 4815 लीटर शराब बरामद की गई।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नितेश कुमार और विकास कुमार, दोनों हरियाणा निवासी के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि शराब की खेप पंजाब से बिहार लाई जा रही थी। तस्करों ने शराब को गुप्त तरीके से बिहार पहुंचाने के लिए ट्रक में विशेष तहखाना तैयार कराया था।
उत्पाद विभाग के अनुसार, तस्करों ने शराब की बोतलों पर दर्ज बैच नंबर तक मिटा दिए थे, ताकि खेप के स्रोत और उसकी पहचान का पता लगाना मुश्किल हो सके। हालांकि चेकपोस्ट पर हुई सघन जांच में तस्करों की पूरी योजना विफल हो गई। उत्पाद चेकपोस्ट प्रभारी इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें लोहे के गुप्त तहखाने से करीब 4815 लीटर शराब बरामद हुई। जब्त शराब की कीमत करीब 70 से 75 लाख रुपये आंकी गई है। फिलहाल गिरफ्तार चालक और सहचालक से पूछताछ की जा रही है। उत्पाद विभाग शराब की इस खेप को बिहार में किस कारोबारी तक पहुंचाया जाना था और तस्करी के इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जानकारी जुटाने में लगा है।



