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गुप्त सूचना के बाद रोका गया कंटेनर
उत्पाद विभाग के चेकपोस्ट प्रभारी संतोष श्रीवास्तव के मुताबिक, टीम को पहले से शराब की बड़ी खेप आने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर चेकपोस्ट पर निगरानी बढ़ाई गई और संदिग्ध मिनी कंटेनर को रोककर उसकी गहन जांच की गई। तलाशी के दौरान शराब बरामद होने के बाद वाहन को जब्त कर लिया गया।
चालक से पूछताछ, नेटवर्क की तलाश
शराब की इतनी बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद जांच अब सिर्फ चालक तक सीमित नहीं है। उत्पाद विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि चंडीगढ़ से शराब किसने लोड कराई, बिहार तक इसे पहुंचाने की जिम्मेदारी किसकी थी और सुपौल में खेप किस व्यक्ति या गिरोह को सौंपी जानी थी। जांच टीम गिरफ्तार चालक से उसके संपर्कों और शराब की खेप से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों को आशंका है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब की तस्करी के पीछे एक संगठित नेटवर्क हो सकता है।
मद्यनिषेध कानून के तहत कार्रवाई
बरामद शराब और मिनी कंटेनर को उत्पाद विभाग ने जब्त कर लिया है। गिरफ्तार चालक के खिलाफ बिहार में लागू मद्यनिषेध कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उत्पाद विभाग की ओर से बताया गया कि दूसरे राज्यों से बिहार में प्रवेश करने वाले वाहनों पर चेकपोस्ट और प्रमुख मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। संदिग्ध वाहनों की जांच कर शराब की तस्करी रोकने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।



