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86 पंचायत सरकार भवन पूर्ण, 75 का निर्माण जारी
जिले की 146 पंचायतों में से 60 पंचायत सरकार भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 75 भवनों का निर्माण विभिन्न कार्य एजेंसियों के माध्यम से कराया जा रहा है। वहीं, 14 पंचायत सरकार भवनों के लिए भूमि विवाद अथवा अनापत्ति से संबंधित समस्याएं सामने आई हैं। इनमें बेतरी, मनिहारी, इसिया और मोकरम सहित अन्य स्थान शामिल हैं। जिला प्रशासन ने संबंधित अंचलाधिकारियों को विवादों का समाधान कर भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उद्योग केंद्र भवन के निर्माण की योजना पर भी चर्चा हुई। इसके लिए भभुआ के अंचलाधिकारी को उपयुक्त जमीन चिह्नित कर विस्तृत प्रतिवेदन सौंपने को कहा गया। मुख्यमंत्री विवाह मंडप योजना के तहत 16 पंचायतों में भूमि उपलब्ध कराई गई है। प्रशासनिक स्वीकृति के बाद यहां निर्माण कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य केंद्र, आंगनबाड़ी और छात्रावासों के लिए जमीन चिह्नित होगी
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नुआंव, दुर्गावती, भभुआ और चैनपुर अंचलों में चिन्हित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों के निर्माण हेतु भूमि चयन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा गया। भभुआ और मोहनिया अनुमंडल में शहरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के लिए भी जमीन चिह्नित की जाएगी। सिविल सर्जन को संबंधित अंचलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण के लिए पहले से चिह्नित 211 भूखंडों की वर्तमान स्थिति पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस) से अद्यतन रिपोर्ट मांगी गई है। साथ ही भवनहीन केंद्रों के लिए अतिरिक्त भूमि चिह्नित करने को कहा गया। अधौरा, भगवानपुर, चांद, नुआंव और रामगढ़ में 100 शैय्या वाले कल्याण छात्रावासों के निर्माण तथा विशेष आवासीय विद्यालय के लिए सरकारी जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा मोहनिया अंचल में वृद्धाश्रम निर्माण के लिए सुगम स्थल पर भूमि उपलब्ध कराने को कहा गया।
नल-जल योजना से छूटे टोलों का होगा सर्वेक्षण
पेयजल योजनाओं की समीक्षा के दौरान लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) ने बताया कि 74 बसावटों में कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। वहीं, पंचायती राज विभाग के तहत छूटे हुए 359 वार्डों में से 350 में काम पूरा कर लिया गया है। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन टोलों और बसावटों तक अब तक नल-जल योजना की पहुंच नहीं हो सकी है, उनका जनप्रतिनिधियों के सहयोग से सर्वेक्षण कराया जाए। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों और संबंधित विभाग को ऐसे स्थानों की विस्तृत सूची तैयार करने को कहा गया, ताकि वंचित परिवारों तक शुद्ध पेयजल की सुविधा पहुंचाई जा सके। जिले में बंद पड़े पांच आधार केंद्रों को तत्काल चालू कराने का भी निर्देश दिया गया, जिससे जीवन प्रमाणीकरण सहित अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए आम लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इसके साथ ही 40 प्रारंभिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में शौचालय निर्माण कार्य जल्द पूरा कराने की जिम्मेदारी संबंधित कार्य एजेंसियों को दी गई।
दाखिल-खारिज के 3,864 मामले लंबित
राजस्व मामलों की समीक्षा में सामने आया कि जिले में दाखिल-खारिज के कुल 21,974 मामलों में से 18,110 का निष्पादन किया जा चुका है। इस प्रकार निष्पादन की दर 82.41 प्रतिशत है। भभुआ में 1,049 और कुदरा में 594 मामले लंबित पाए गए। जिला पदाधिकारी ने 35, 75 और 120 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों को चिह्नित कर विशेष अभियान चलाने तथा उनका शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
ग्रामीण आवास योजना में 8,025 मकान पूरे
वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के तहत निर्धारित 9,788 आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध 9,529 आवासों को स्वीकृति दी गई है। इनमें से 8,025 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, स्वीकृति की दर 97.35 प्रतिशत और पूर्णता दर 84.22 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत स्वीकृत 1,446 आवासों में से 1,430 का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा जिले की 146 पंचायतों में से 145 में अपशिष्ट प्रसंस्करण इकाइयों (डब्ल्यूपीयू) के लिए जमीन चिह्नित की गई है। इनमें 142 इकाइयों का निर्माण पूरा कर जियो-टैगिंग भी की जा चुकी है।
दुर्गापूजा और छठ को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर जोर
आगामी दुर्गापूजा और छठ महापर्व को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए भी बैठक में आवश्यक निर्देश दिए गए। सभी अंचलाधिकारियों को अपने क्षेत्रों के प्रमुख जलाशयों, तालाबों, नदियों और संवेदनशील छठ घाटों का भौतिक सत्यापन करने को कहा गया। इसके साथ ही संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए स्थानीय गोताखोरों की पहचान कर उनकी सूची तैयार रखने का निर्देश दिया गया, ताकि पर्व के दौरान जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और विभिन्न तकनीकी एवं गैर-तकनीकी विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।



