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आर्थिक तंगी के बीच किस्त चुकाने को लेकर बढ़ी परेशानी
परिजनों के मुताबिक परिवार पर लोन की किस्त चुकाने का दबाव था। इसी आर्थिक परेशानी को लेकर घर में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। बताया गया कि घटना से पहले करीब दो सौ रुपये को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। विवाद के बाद मुन्नी देवी कुछ समय के लिए घर से बाहर चली गई थीं। परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। बाद में जब उनके घर लौटने की जानकारी मिली तो उन्हें घर में मृत पाया गया। प्रारंभिक तौर पर उनके फांसी लगाने की आशंका जताई जा रही है।
कर्ज वसूली के तरीके पर भी उठे सवाल
घटना के बाद परिवार की ओर से कर्ज और उसकी मासिक किस्त को लेकर कई बातें सामने आई हैं। परिजनों का आरोप है कि महिलाओं को छोटे स्तर पर लोन उपलब्ध कराया जाता है और निर्धारित समय पर किस्त की वसूली की जाती है। आर्थिक स्थिति खराब होने पर किस्त जमा नहीं कर पाने से दबाव बढ़ने की बात भी कही गई है। हालांकि, कर्ज वसूली के दबाव का मुन्नी देवी की मौत से प्रत्यक्ष संबंध था या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। इस पहलू की पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने की घटनास्थल की जांच
घटना की सूचना मिलते ही वारिसलीगंज थानाध्यक्ष पंकज सैनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए नवादा भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। तीन बच्चों की मां की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। घटना को लेकर इलाके में भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं, जबकि पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी है।



