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मकान के चारों तरफ पुलिस का पहरा लगते ही पूरे इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। ग्रामीणों के बीच अनहोनी की आशंका को लेकर भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा है कि उक्त मकान के गृहस्वामी कृष्ण मुरारी गुप्ता अपने परिवार के चार सदस्यों के साथ 6 मई से लापता हैं। उसी दिन से उनका मोबाइल फोन भी बंद बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस इस मामले में खुलकर कुछ भी बताने से बच रही है। रामगढ़ थानाध्यक्ष हरि प्रसाद शर्मा ने केवल इतना कहा कि यह कार्रवाई जांच के विभिन्न पहलुओं का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि गांवों में डोर-टू-डोर सर्वे और आंगनबाड़ी केंद्रों से जुटाई गई जानकारी के आधार पर ऐसे मकानों को चिह्नित किया गया है, जहां परिवार कई दिनों से नहीं दिखे हैं।
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने डहरक समेत दो-तीन गांवों के तीन से चार मकानों को विशेष निगरानी में रखा है। माना जा रहा है कि जांच टीम किसी अहम सुराग के करीब पहुंच चुकी है। हालांकि गांव के लोग भी इस पूरे मामले पर खुलकर बोलने से बच रहे हैं। गौरतलब है कि 10 मई को पनसेरवां स्थित दुर्गावती नदी पुल के नीचे सूटकेस में बंद दो सिरकटे शवों के टुकड़े मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। इसके दो दिन बाद अभैदे नहर के समीप बोरे में बंद एक महिला और एक बच्चे के सिरकटे शव बरामद हुए। लगातार सामने आ रही इन विभत्स घटनाओं ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शवों की पहचान और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। पुलिस ने शवों के अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए पटना भेजा है, जबकि फोरेंसिक टीम लगातार साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों की गतिविधियां भी लगातार बढ़ गई हैं।



