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जाँच में पता चला की प्रभाकर कुमार के द्वारा अपने मोबाइल से पुलिस अधीक्षक सारण के नाम से एक व्हाट्सएप आईडी बनाया गया है एवं अपने ही दूसरे मोबाइल से एक -दूसरा व्हाट्सएप आईडी बनाकर एक मन गढ़त चैट कर चैट का स्टेटस लगाया गया है। आम लोगों में अपना प्रभाव के बढाने के उद्देश्य से सारण एसपी के नाम का फर्जी आईडी बनाकर उनके नाम और पद का दुरूपयोग किया गया है जो कि एक संज्ञेय अपराध है। फर्जी अकाउंट बनाने वाले साइबर अपराधी को साइबर सेल से चिन्हित करने के बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। ज्ञात हो कि साइबर अपराधियों के द्वारा आए दिन आम जनता को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है।
किन्तु इस बार साइबर अपराधी ने एसपी डा. कुमार आशीष के नाम पर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बना लिया। प्रोफाइल में डा. कुमार आशीष का फोटो भी लगाया था। बताया जाता है कि पुलिस कर्मियों को भेज अपना शिकार बनाने की तैयारी में था। इतना ही नहीं इन्होनें इ. प्रभाकर सिंह के नाम से अपना फेसबुक अकाउंट पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के साथ अपना फोटो लगाकर अपने को भारतीय जनता पार्टी का आइटी सेल का जिला संयोजक भी बता रहा हैं। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद प्रभाकर कुमार का दोनों मोबाइल नंबर स्वीच आफ हो गया है। उसके गिरफ्तार के लिए छापेमारी की जा रही हैं।