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दरअसल 11 बार वैक्सीन लेकर आने वाले बुजुर्ग का नाम ब्रह्म देव मंडल है और वह 84 साल के हैं, ब्रह्मदेव मंडल मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल के ओराय गांव के रहने वाले हैं, 11 बार लेने के पीछे उनका तर्क है कि उनके वैक्सीन लेने से कई तरह की राहत मिलती है जैसे जैसे वह करोना का टीका लेते गए उसके बाद उन्हें उसका फायदा मिलता गया और उन्हें कई बीमारियों से राहत मिली है।
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ब्रह्मदेव मंडल ने दावा किया है कि उनके अनुसार उन्होंने 13 फरवरी 2021 को पहली बार कोरोना वैक्सीन लिया था, यह डोज उन्होंने पुरैनी के पीएचएससी में लिया था, इसके बाद दूसरी बार उन्होंने 13 मार्च को इसी पीएचसी में टीका लिया, फिर तीसरी खुरार उन्होंने 19 मई को ओराय उप स्वास्थ्य केंद्र में ली, चौथा डोज भूपेंद्र भगत के कोटा में लगे शिविर के दौरान लिया, इसके बाद पांचवा डोज एक स्कूल में लगे कैंप में और छठा डोज 31 अगस्त को नाथ बाबा में लगे शिविर में लिया, सातवां डोज 11 सितंबर को बड़ी हाट स्कूल पर आठवां डोज भी इसी स्कूल पर 22 सितंबर को लिया जबकि नौवां डोज 24 सितंबर को और दसवां डोज खगड़िया जिला के परबत्ता में लिया, इसके बाद 11वां डोज उन्होंने भागलपुर के कहलगांव में लगवाया
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बिहार में वैक्सीनेशन में की कारनामे हो रहे हैं, इससे पहले मृत महिला को वैक्सीन की खुराक दे दी गई थी तो वहीं नोएडा में बैठे व्यक्ति को अररिया में वैक्सीन लग गई इसके बाद नालंदा में किशोरों को पड़ने वाले वैक्सीन में भी गड़बड़ी का मामला सामने आया, जहां दो भाइयों को कोवैक्सीन उनकी जगह कोविशिल्ड लगा दिया गया था जबकि कोविशिल्ड अभी तक बच्चों पर परीक्षण नहीं किया गया और अब एक व्यक्ति ने 11 बार व्यक्ति लगाने का दावा किया है, डाक विभाग से रिटायर हुए ब्रह्मदेव मंडल के दावे अगर सही है तो फिर उस सिस्टम का क्या जिसमें आधार कार्ड पर रजिस्ट्रेशन और वैक्सीनेशन देने का काम किया जा रहा है।
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