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वाहन पीछे करने के दौरान शुरू हुआ विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, बाल सुधार गृह के अधीक्षक अजय कुमार न्यायालय के निर्देश पर बाल कैदियों को मेडिकल जांच कराने के लिए अपने वाहन से भभुआ सदर अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल के मुख्य गेट के समीप वाहन खड़ा था। इसी दौरान भभुआ के वार्ड संख्या 14 की एक महिला अपनी बच्ची का इलाज कराने अस्पताल पहुंची थी। बताया जाता है कि वाहन को पीछे करने के दौरान महिला का वाहन के पास संपर्क हो गया। इसके बाद महिला ने विरोध जताते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते मामूली कहासुनी ने विवाद का रूप ले लिया और मामला मारपीट तक पहुंच गया।
बाइक से पहुंचे तीन लोगों पर हमले का आरोप
बाल सुधार गृह के अधीक्षक अजय कुमार के अनुसार, विवाद के बीच बाइक से तीन लोग मौके पर पहुंचे और उनके वाहन के शीशे को क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किया। इस दौरान सुरक्षा में तैनात सिपाही के साथ भी मारपीट की गई। हमले में बाल कैदियों और सिपाही को हल्की चोटें आईं। अधीक्षक ने आरोप लगाया कि यह महज आपसी विवाद नहीं था, बल्कि बाल कैदियों को भगाने की नीयत से वाहन पर हमला किया गया था। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए हमलावरों की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
वीडियो बनाने पहुंचे पत्रकारों से भी नोकझोंक
घटना के दौरान जब पत्रकारों ने पूरे मामले का वीडियो बनाने का प्रयास किया तो आरोपित लोगों ने उनके साथ भी नोकझोंक की। अस्पताल परिसर में मौजूद सुरक्षा गार्ड और स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस को घटना की सूचना दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस, जांच के बाद होगी कार्रवाई
सूचना मिलते ही भभुआ थानाध्यक्ष अवधेश कुमार पुलिस बल के साथ सदर अस्पताल पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लेते हुए संबंधित लोगों से पूछताछ की। बताया जा रहा है कि विवाद में शामिल लोग भभुआ के वार्ड संख्या 14 के निवासी हैं। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। वाहन पर हमले, मारपीट और बाल कैदियों को भगाने की कथित मंशा से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा रही है। पुलिस जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।



