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खुले तेल में मिलावट, ऊपर से नामी लेबलप्राथमिक जांच में सामने आया है कि खुले तेल में मिलावट कर उसे अलग-अलग ब्रांड के नाम से पैक किया जा रहा था। अधिकारियों को गोदाम से 17 ब्रांड के पैकेजिंग रैपर मिले, जिनमें “घानी”, “कोल्हू”, “सीपी”, “नागाजी” जैसे नाम शामिल हैं। आशंका है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और थोक बाजार के साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी सप्लाई की तैयारी थी।
बंद बक्से से निकले 5.5 लाख रुपये
नाथनगर के मार्केटिंग अधिकारी अभिजीत कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तलाशी के दौरान एक बंद बक्सा मिला, जिसकी चाबी मौजूद नहीं थी। बक्सा तोड़ने पर उसमें लाखों रुपये नकद मिले। गोदाम संचालक वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद मालिक और मजदूरों को हिरासत में ले लिया गया। गोदाम संचालक ने खुद को मुंगेर का निवासी बताते हुए कहा कि वह राइस ब्रान रिफाइन तेल मंगाकर वैध तरीके से पैकिंग करता था और चार वर्षों से कारोबार कर रहा है। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार उपलब्ध कागजात संतोषजनक नहीं पाए गए हैं और उनकी विस्तृत जांच की जा रही है।
लैब जांच से खुलेगा राज
खाद्य सुरक्षा विभाग ने जब्त तेल के नमूने जांच के लिए लैब भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि तेल में किस प्रकार की मिलावट की गई थी। दोषी पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
निगरानी व्यवस्था पर सवाल
थाने से महज 500 मीटर दूरी पर इतनी बड़ी मात्रा में अवैध पैकिंग का संचालन प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े कर रहा है। बरामद सामग्री और नकदी यह संकेत देती है कि मामला संगठित फर्जी ब्रांडिंग नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
जांच एजेंसियां अब इस पूरे सिंडिकेट के दायरे और संभावित सहयोगियों की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।





