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बताया जा रहा है कि वह गांव लौट रहे थे, तभी सामने से आ रही बाइक से उनकी टक्कर हो गई, जिससे मौके पर ही उनकी जान चली गई। पति की मौत से आहत उनकी दूसरी पत्नी हेवन्ती देवी ने भी कुछ समय बाद अपने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। ग्रामीणों के मुताबिक, हेवन्ती देवी का वैवाहिक जीवन पहले भी कई दुखद घटनाओं से जुड़ा रहा। उनका पहला विवाह टोड़ी गांव के रामचन्द्र खरवार से हुआ था, जिनसे उन्हें दो पुत्र हुए। पारिवारिक विवाद के बाद रामचन्द्र ने आत्महत्या कर ली थी। बाद में उनके छोटे भाई राजीव कुमार ने हेवन्ती से विवाह किया, लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने भी फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
इसके बाद हेवन्ती देवी का संबंध गांव के ही हीरालाल खरवार से जुड़ा और दोनों ने विवाह कर लिया। हीरालाल पहले से विवाहित थे और उनके दो छोटे बच्चे—पांच वर्षीय पुत्र और दो वर्षीय पुत्री—अपने घर में रह रहे हैं। हेवन्ती देवी से भी एक छह माह का शिशु है, जो अब माता-पिता दोनों के साये से वंचित हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भभुआ भेज दिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।



