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अलग-अलग श्रेणियों में बंटे शिक्षकों को एकजुट करने की पहल
बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रखंड अध्यक्ष दीवान हामिद खान ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में शिक्षकों की एकता पहले से अधिक जरूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की अलग-अलग श्रेणियां होने के बावजूद उनकी समस्याएं और अधिकारों से जुड़ी मांगें काफी हद तक समान हैं। ऐसे में सभी कोटि के शिक्षकों को एक मंच पर आकर अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अलग-अलग नाम और श्रेणियां बनाकर शिक्षकों की एकजुटता को कमजोर कर रही है, जिससे उनके अधिकारों की लड़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने शिक्षकों से आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होने और अपनी मांगों के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की।
तीन प्रमुख मांगों पर रहेगा जोर
प्रखंड अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षक एकता सम्मेलन के माध्यम से सभी शिक्षक एकजुट होकर अपनी मांगों को मजबूती से उठाने और उन्हें पूरा कराने के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लेंगे। समान काम के लिए समान वेतन, पुरानी पेंशन योजना लागू करने और राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग सम्मेलन के केंद्र में रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की एकजुटता ही उनके अधिकारों की लड़ाई को मजबूत आधार दे सकती है। सम्मेलन के जरिए विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों के बीच समन्वय स्थापित करने और साझा मांगों को लेकर एकजुट आंदोलन की दिशा तय करने का प्रयास किया जाएगा।
विद्यालयों में पहुंचकर शिक्षकों को दिया जा रहा आमंत्रण
सम्मेलन की तैयारियों को लेकर संघ के प्रखंड अध्यक्ष विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर शिक्षकों को आमंत्रण पत्र दे रहे हैं। संघ की ओर से अधिक से अधिक शिक्षकों से सम्मेलन में शामिल होने की अपील की जा रही है, ताकि शिक्षकों की समस्याओं और मांगों पर व्यापक चर्चा हो सके। इस मौके पर बाबुल शाह, उपेश कुमार, राजकुमार, मनोहर सिंह यादव, सुभाष यादव, मान सिंह, लोकेश यादव, कुंदन पटेल, देवेंद्र यादव और राजेश बहादुर सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।



