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खेलने के बहाने मासूम को मंदिर ले जाने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, रंजू यादव का 21 वर्षीय पुत्र अजीत कुमार शनिवार की सुबह अपने डेढ़ साल के छोटे भाई मनीष कुमार को खेलने के बहाने गांव के दुर्गा मंदिर में ले गया था। आरोप है कि मंदिर में उसने धारदार हथियार से मासूम का गला काट दिया। इसके बाद शव को गमछे में लपेटकर घर ले आया। मासूम का शव घर पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। रोने-बिलखने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए। देखते ही देखते आरोपी के घर और मंदिर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
पुलिस ने मंदिर को किया सील, फॉरेंसिक टीम जुटा रही साक्ष्य
घटना की सूचना मिलते ही रानीतालाब थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्गा मंदिर को सील कर दिया और घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल किए जाने का कथित धारदार हथियार बरामद किया। मासूम के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया। टीम घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में लगी है, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
आरोपी के व्यवहार को लेकर परिजनों ने किए चौंकाने वाले दावे
ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, आरोपी अजीत कुमार का व्यवहार पहले भी विवादों में रहा है। एक महिला ने दावा किया कि वह कथित तौर पर नशे का आदी था और पहले भी लोगों के साथ मारपीट कर चुका था। महिला के मुताबिक, करीब छह महीने पहले उसने एक पड़ोसी का गला काटने का प्रयास भी किया था। उसने यह भी दावा किया कि हाल के दिनों में आरोपी एक बच्चे का गला काटने की बात कहता था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
प्रशिक्षु डीएसपी ने की जांच की पुष्टि
घटना के संबंध में प्रशिक्षु डीएसपी नवनीत आनंद ने बताया कि फॉरेंसिक टीम मामले की जांच कर रही है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटा रही है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले की आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है। अब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के सामने आने की प्रतीक्षा है।



