Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

- पंचायत में सुलह कराने पहुंचा था पंच, विवाद बढ़ा तो विधवा के सिर पर दे मारी लाठी; मौत
- मंदार पहाड़ छेड़छाड़ प्रकरण में प्रशासन का एक्शन, तीन आरोपितों के घरों पर चला बुलडोजर
वीआईपी प्रमुख इसलिए बौखलाए हुए हैं क्योंकि बिहार के एनडीए ने उन्हें बहुत तरजीह नहीं दी, दरअसल मंत्री मुकेश सहनी विधान परिषद के स्थानीय निकाय चुनाव में एनडीए की तरफ से सीट चाह रहे थे लेकिन जदयू और भाजपा ने उन्हें एक भी सीट नहीं दी, इसके बाद वह चाह रहे थे कि उत्तरप्रदेश विधानसभा में बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़े लेकिन बीजेपी ने उन्हें यहां भी मौका नहीं दिया, परिणाम यह हुआ कि वह अकेले चुनाव लड़ रहे हैं किसी से कोई गठबंधन नहीं किया है।
- मोहनियां अस्पताल में शव छोड़कर फरार होने के मामले में महिला गिरफ्तार, मृतक से संबंध होने की बात सामने आई
- ट्रेन से घर लौट रहे युवक की मोहनिया अस्पताल में मौत, शव छोड़कर महिला समेत तीन लोग फरार; CCTV से खुलेगा राज
मंत्री मुकेश सहनी अपने समाज यानि मल्लाह समाज को आरक्षण दिलाने को लेकर बिगुल फूंके हुए हैं और इसी को आधार बनाकर वह आगे की राजनीति करना चाह रहे हैं, उनका तर्क है कि उनके समाज को आरक्षण नहीं मिला तो वह अपने समाज के साथ खड़े होकर आरक्षण दिलाएंगे और 2025 में बिहार के मुख्यमंत्री बन जाएंगे।
- ज्ञान बिंदु एकेडमी निदेशक के भाई की नेपाल में मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
- सम्राट सरकार के 30 दिन: विकास, सख्ती और नई व्यवस्थाओं की सात बड़ी पहल
मंत्री मुकेश सहनी के इस बयान पर सत्तारूढ़ पार्टी जदयू ने बहुत कुछ तो नहीं कहा लेकिन इशारों इशारों में निशाना जरूर साधा है, जदयू प्रवक्ता अरविंद निषाद ने कहा की राजनीति में मुंगेरीलाल का सपना हर कोई देखता है लेकिन हर किसी का सपना पूरा नहीं होता, बहुत नेता पैराशूट से लैंड करते हैं और सीधे मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं जबकि मुख्यमंत्री बनने के लिए नीति, नीयत और नैतिकता होनी चाहिए, रही बात मल्लाह समाज को आरक्षण देने की तो मुख्यमंत्री कुमार ने 2015 में ही कैबिनेट से निषाद समाज को आरक्षण का पूरा मसौदा पास कराकर केंद्र सरकार को भेज दिया है।
- दरवाजा खुलते ही सामने दिखे हथियारबंद लोग, सीने पर राइफल सटाने का आरोप; पांच अज्ञात समेत नौ पर केस
- पूछताछ से खुली हेरोइन तस्करी की कड़ी, मोहनिया से दो और आरोपी गिरफ्तार
नीतीश कुमार सर्व समाज के मुख्यमंत्री अकलियत, दलित, महादलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा सभी समाज के लिए काम करते हैं, उन्हें समाज की मुख्यधारा में कैसे लाया जाए इस पर दिन रात मेहनत करते हैं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कहते नहीं, करके दिखाते हैं।

