Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

- गैंगरेप केस में ऐतिहासिक फैसला: तीनों दोषियों को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास, पीड़िता को 6 लाख मुआवजा
- थाना के सामने सिविल सर्जन के घर हथियारबंद बदमाशों की डकैती, बेहोशी का इंजेक्शन देकर तीन को किया अचेत
बिहार पुलिस को चक्र ऐप को डेवलप करने में डेढ़ करोड़ रुपए की लागत आई है, इसके अलावा लगभग 40 लाख की लागत से पुलिस मुख्यालय में इसका सर्वर लगाया गया है, ऐप की मदद से बिहार पुलिस को अब अपराधियों के इतिहास को जानने में ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा, एक क्लिक से ही अब कहीं से भी किसी भी अपराध से जुड़ी हुई जानकारी पुलिस हासिल कर सकती है।
- वरमाला से पहले बिगड़ा माहौल: दूल्हे की नशे वाली हालत देख दुल्हन ने रोकी शादी, पंचायत के बाद सुबह हुई रस्में पूरी
- नशे की हालत में गिरफ्तार तीन टोला सेवक सेवा से बर्खास्त
बिहार के लगभग सारे छोटे बड़े अपराधियों की जन्मकुंडली इस पर अपलोड की गई है अपराधियों का नाम चक्र ऐप में डालते ही मोबाइल स्क्रीन पर संबंधित अपराध के फोटो सहित पूरा ब्योरा मिल जाएगा। राज्य पुलिस ने अपराध पर नियंत्रण और अपराधियों को सुरक्षित रखने के लिए ऐप लॉन्च किया है राज्य के करीब 2000 पुलिस पदाधिकारी मोबाइल फोन के जरिए इस ऐप से जुड़ भी चुके हैं, इसमें खासतौर पर थानेदार और जिलों के एसपी को शामिल किया गया है, इस ऐप पर लंबे समय से काम चल रहा था और बिहार पुलिस मुख्यालय ने अब इसे हरी झंडी दे दी है।
- दिल्ली धमाके में समस्तीपुर के युवक की मौत, घर में मचा कोहराम
- कोल्ड ड्रिंक में जहर मिला पिता ने पहले बच्चों को पिलाया फिर स्वयं पिया, तीनों की मौत
इस ऐप की खास बात यह है कि इस पर पिछले एक वर्ष में अपराध करने वालों को डाटा फीड किया गया है, इनकी संख्या करीब 4.50 लाख से 5 लाख है, इतना बड़ा आपराधिक डेटा पुलिस के मोबाइल पर उपलब्ध होगा, तो वह किसी भी थाने बैठकर किसी भी अपराधी के बारे में पूरी जानकारी हासिल करने में सक्षम होगी।
- प्रशांत किशोर का बिहार सरकार पर तीखा हमला, बोले– आर्थिक संकट के बहाने हट सकती है शराबबंदी
- ‘दारू-बालू में मदहोश है सरकार’: तेजस्वी यादव का NDA पर तीखा प्रहार, कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

