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घायल व्यक्ति को तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। जांच के दौरान कंटेनर से कुल 48 जीवित मवेशी बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि पशुओं के मुंह और पैर बांधकर उन्हें ले जाया जा रहा था। वाहन चालक की ओर से किसी तरह का वैध कागजात भी प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे पशुओं के चोरी या अवैध परिवहन की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल सभी मवेशियों को उनकी देखभाल के लिए दुर्गावती स्थित आदर्श युवा समिति के रामाश्रय पासवान के जिम्में नामे पर सौंप दिया गया है। इस मामले में चालक के रूप में पकड़े गए घायल व्यक्ति की पहचान दुर्गावती थाना क्षेत्र के मंसूरपुर गांव निवासी आजाद खान के रूप में हुई है। आजाद खान का कहना है कि वह पशु तस्करी से जुड़ा नहीं है। उसके मुताबिक वह अपने ससुराल चैनपुर के कस्बा मोहल्ला आया था और इफ्तार के बाद गांव लौटने के लिए सड़क पर वाहन का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान एक ट्रक को रोककर वह उसमें बैठ गया। आजाद खान ने आरोप लगाया कि खरिगांवा मोड़ पर कुछ लोगों ने नारेबाजी करते हुए ट्रक रुकवाया, जिसके बाद असली ड्राइवर मौके से भाग गया और भीड़ ने उसे पकड़कर बुरी तरह पीट दिया।
इस घटना में उसका सिर फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसने पुलिस को दिए आवेदन में 14 लोगों को नामजद करते हुए 25 से 30 अज्ञात लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया है। साथ ही दावा किया है कि मारपीट के दौरान उसकी जेब में रखे 60 हजार रुपये भी छीन लिए गए। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित किया। उस समय बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी के कारण भभुआ के एसडीपीओ मनोरंजन भारती भी घटनास्थल पर पहुंचे थे। मामले को शांत कराते हुए पुलिस ने कंटेनर को जब्त कर लिया और घायल व्यक्ति को इलाज के लिए भेजा। चैनपुर थानाध्यक्ष विजय प्रसाद ने बताया कि पशु तस्करी से जुड़े मामले में कंटेनर से बरामद मवेशियों को जिम्में नामे पर सौंप दिया गया है। वहीं मारपीट के मामले में आजाद खान के आवेदन पर 14 नामजद और करीब 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी संदेश प्रसाद, निवासी लोदीपुर को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।



