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मौत की खबर मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। स्वजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने हिरासत के दौरान राकेश की पिटाई की, जिससे उसकी जान गई। इसी आरोप को लेकर सैकड़ों की संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब पुलिस समझाने पहुंची। आक्रोशित भीड़ ने पुलिसकर्मियों को खदेड़ दिया और पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान पोठिया ओपी अध्यक्ष नवीन कुमार और सिपाही संजीव कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि संजीव कुमार के सिर में गहरी चोट आई है।
हंगामे के बीच कुछ युवकों ने एक पुलिसकर्मी की रायफल छीन ली और मौके से फरार हो गए। भीड़ यहीं नहीं रुकी, बल्कि पुलिस टीम को खदेड़ते हुए थाना तक पहुंच गई, जहां जमकर तोड़फोड़ की गई। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए कई थानों की पुलिस और अतिरिक्त बल को मौके पर तैनात किया गया है। पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। वहीं, कटिहार एसपी ने मामले में सफाई देते हुए कहा कि युवक ने हाजत में आत्महत्या का प्रयास किया था और इलाज के दौरान उसकी मौत हुई। फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष रवि कुमार राय और अनुसंधानकर्ता कुंदन कुमार पटेल को निलंबित कर दिया गया है। तनावपूर्ण माहौल के बीच प्रशासन लोगों को शांत कराने और स्थिति सामान्य करने की कोशिश में जुटा है।



