Bihar | पूर्णिया: जिले के रुपौली अंचल कार्यालय से एक गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। अंचल के नाजिर शिशिर कुमार पर अंचल अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर सरकारी खाते से 24 लाख 27 हजार 840 रुपये की फर्जी निकासी करने का आरोप है। मामले की शिकायत खुद अंचल अधिकारी शिवानी सुरभी ने रुपौली थाना में दर्ज कराई है। आरोपी नाजिर को मौके पर ही पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
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वित्तीय वर्ष 2024–25 और 2025–26 में की गई फर्जी निकासी
अंचल अधिकारी शिवानी सुरभी के अनुसार, आरोपी नाजिर शिशिर कुमार ने वित्तीय वर्ष 2024–25 और 2025–26 के दौरान रुपौली सेंट्रल बैंक में स्थित अंचल के सैरात खाते से अलग-अलग तिथियों में फर्जी तरीके से राशि की निकासी की। जांच में सामने आया कि लगभग 6 लाख रुपये आरोपी ने अपने निजी बैंक खाते में ट्रांसफर करवाए, जबकि करीब 16 लाख रुपये नकद निकाल लिए गए।
खाते की जांच में खुला घोटाले का राज
सीओ ने बताया कि जब उन्होंने सैरात खाते की नियमित जांच की तो उसमें अपेक्षा से काफी कम राशि पाई गई। संदेह होने पर बैंक से स्टेटमेंट निकलवाया गया, जिसमें ऐसे चेकों से निकासी सामने आई, जिनकी उन्होंने न तो एंट्री की थी और न ही उन पर हस्ताक्षर किए थे। पूछताछ के दौरान नाजिर ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
बैंक की भूमिका भी संदेह के घेरे में
इतनी बड़ी राशि सरकारी खाते से निकाले जाने पर बैंक की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। बिना समुचित सत्यापन के सरकारी खाते से पैसे कैसे निकाले गए, इसकी भी जांच की जा रही है।
अनुकंपा पर हुई थी नियुक्ति, हाल ही में हुआ था तबादला
गौरतलब है कि आरोपी नाजिर शिशिर कुमार की नियुक्ति अनुकंपा के आधार पर हुई थी और कुछ दिन पहले ही उनका तबादला धमदाहा अंचल में किया गया था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।



