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जानकारी के अनुसार, 27 दिसंबर की रात करीब 11:25 बजे किमी संख्या 344/05 के पास एक मालगाड़ी के आठ डिब्बे पटरी से उतर गए। यह दुर्घटना लाहाबन और सिमुलतला स्टेशनों के बीच हुई, जिसके चलते अप और डाउन दोनों रेल लाइनों पर परिचालन पूरी तरह बाधित हो गया। घटना के बाद संबंधित रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित रही और यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। पूर्व रेलवे, कोलकाता के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवराम मांझी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि रेलवे सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि घटना के कारणों की गहन जांच के लिए पांच वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित की गई है।
यह टीम सोमवार को ही घटनास्थल पर पहुंच गई और मौके पर जांच की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। सीपीआरओ के अनुसार, जांच टीम ट्रैक की स्थिति, सिग्नल प्रणाली, तकनीकी उपकरणों की कार्यप्रणाली और मानवीय पहलुओं सहित सभी संभावित कारणों की बारीकी से समीक्षा कर रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी भी स्वयं घटनास्थल पर मौजूद हैं और जांच प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। रेलवे प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और रेल परिचालन को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।



