Bihar, पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक में ‘सात निश्चय-3’ को मंजूरी दे दी गई। सात निश्चय-1 और सात निश्चय-2 के बाद अब सरकार ने अगले पाँच वर्षों के लिए विकास का नया एजेंडा तय किया है। इसका उद्देश्य न्याय के साथ विकास की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करना है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस निर्णय की जानकारी स्वयं अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल के माध्यम से साझा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से राज्य में कानून का राज कायम है और बीते 20 वर्षों में सभी वर्गों के समग्र विकास के लिए लगातार काम हुआ है। सात निश्चय-1 (2015–2020) और सात निश्चय-2 (2020–2025) के लक्ष्यों को हासिल करने के बाद अब सात निश्चय-3 को लागू करने का निर्णय लिया गया है।
पहला निश्चय : दोगुना रोजगार – दोगुनी आय, 1 करोड़ युवाओं को मिलेगा नौकरी और रोजगार का अवसर
सात निश्चय-3 का पहला और सबसे अहम निश्चय ‘दोगुना रोजगार–दोगुनी आय’ है। इसका लक्ष्य राज्य की प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करना है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 10 हजार रुपये की सहायता, रोजगार विस्तार के लिए 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता, जाति आधारित गणना व सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण में चिन्हित 94 लाख गरीब परिवारों को प्राथमिकता, बिहार के उत्पादों की बिक्री के लिए हाट-बाजारों का विकास, अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं के लिए नौकरी और रोजगार, इसके लिए युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन
दूसरा निश्चय : समृद्ध उद्योग – सशक्त बिहार, बिहार बनेगा पूर्वी भारत का नया टेक हब
इस निश्चय के तहत राज्य में औद्योगिक विकास को तेज़ करने के लिए बड़े फैसले लिए गए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन उच्चस्तरीय समितियों का गठन, बिहार को पूर्वी भारत का टेक्नोलॉजी हब बनाने की तैयारी, सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, अगले 5 वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश का लक्ष्य, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए नया MSME निदेशालय, स्थानीय उत्पादों के निर्यात के लिए बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम, बंद पड़ी 9 चीनी मिलें चालू होंगी, साथ ही 25 नई चीनी मिलों की स्थापना
तीसरा निश्चय : कृषि में प्रगति – प्रदेश की समृद्धि, मखाना, डेयरी और सिंचाई पर रहेगा खास फोकस
चौथा कृषि रोडमैप (2024–2029) तेज़ी से लागू होगा, मखाना उत्पादन और प्रसंस्करण के लिए मखाना रोडमैप, डेयरी और मत्स्य पालन को बढ़ावा, हर गांव में दुग्ध उत्पादक समिति और हर पंचायत में ‘सुधा’ बिक्री केंद्र, हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की योजना
चौथा निश्चय : उन्नत शिक्षा – उज्ज्वल भविष्य, शिक्षा के क्षेत्र में बिहार बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
अलग उच्च शिक्षा विभाग का गठन, पुराने प्रतिष्ठित संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बदला जाएगा, राज्य में नई एजुकेशन सिटी का निर्माण
पांचवां निश्चय : सुलभ स्वास्थ्य – सुरक्षित जीवन, जिला अस्पताल बनेंगे सुपर स्पेशलिटी सेंटर
प्रखंड CHC को स्पेशलिटी हॉस्पिटल, जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नए मेडिकल कॉलेजों में PPP मॉडल को बढ़ावा, ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों को अतिरिक्त प्रोत्साहन, सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक की नीति
छठा निश्चय : मजबूत आधार – आधुनिक विस्तार, एक्सप्रेस-वे, स्मार्ट सिटी और पर्यटन को बढ़ावा
शहरी क्षेत्रों का विस्तार और नागरिक सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण, नए नियोजित आधुनिक शहरों का विकास, शहरी गरीबों के लिए सस्ते आवास, 5 नई एक्सप्रेस-वे सड़कों का निर्माण, ग्रामीण सड़कों का 2 लेन चौड़ीकरण, घरों की छतों पर सोलर पैनल, पर्यटन स्थलों का राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकास, फिल्म सिटी, स्पोर्ट्स सिटी और सभी जिलों में खेलों के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, प्रगति यात्रा की 430 स्वीकृत योजनाओं को तेज़ी से पूरा किया जाएगा
सातवां निश्चय : सबका सम्मान – जीवन आसान, तकनीक और सुशासन से आसान होगी आम लोगों की ज़िंदगी
सात निश्चय-3 का अंतिम निश्चय ‘सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)’ है। इसके तहत आधुनिक तकनीक, नवाचार और संवेदनशील प्रशासन के ज़रिए आम नागरिकों के जीवन को सरल बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सात निश्चय-3 के प्रभावी क्रियान्वयन से बिहार विकास की नई ऊँचाइयों को छुएगा और देश के अग्रणी विकसित राज्यों में शामिल होगा।



