बिहार, नवादा: नवादा जिले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी दफ्तर से महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी करने के मामले में एक पूर्व मुखिया को गिरफ्तार किया है। मेसकौर थाना पुलिस ने बारत पंचायत के पूर्व मुखिया सांगा संजीत उर्फ कन्हैया कुमार बादल को नालंदा जिले के राजगीर से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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आरोप है कि पूर्व मुखिया ने मेसकौर अंचल कार्यालय से आवश्यक सरकारी अभिलेख चोरी किए। थानाध्यक्ष कन्हैया कुमार ने बताया कि आरोपी काफी दिनों से फरार चल रहा था, जिसे राजगीर के वैतरणी पोखर के पास से पकड़ने में सफलता मिली।
जानकारी के अनुसार, 2 जनवरी को दोपहर करीब 3 बजे अंचल कार्यालय से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब हो गए थे। मामले की जांच के दौरान कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें पूर्व मुखिया की संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। इसके आधार पर दस्तावेजों में फेरबदल और कूट रचना की नीयत से चोरी किए जाने की पुष्टि हुई।
अंचल अधिकारी अभिनव राज के आवेदन पर 8 जनवरी को मेसकौर थाना में कांड संख्या 6/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
यह पूरा मामला भूमि दखल से जुड़े एक आवेदन से संबंधित है। पूर्व मुखिया सांगा संजीत ने अपने आवेदन में महेंद्र यादव और उनके परिजनों पर जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया था। जांच में सामने आया कि जिस भूमि को लेकर विवाद था, उसे पूर्व मुखिया के पूर्वज पहले ही बेच चुके थे, लेकिन सांगा संजीत इस तथ्य को स्वीकार नहीं कर रहे थे।
मामले की जांच के दौरान विपक्षी पक्ष से सांगा संजीत के परिवार की वंशावली मांगी गई, जिसे अंचल कार्यालय में जमा कराया गया था। ये दस्तावेज वरीय अधिकारियों को भेजे जाने थे, लेकिन उससे पहले ही पूर्व मुखिया ने कथित रूप से वे महत्वपूर्ण कागजात चोरी कर लिए।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है और अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।



