Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

सूचना मिलने पर सदर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को न्याय दिलाने का आश्वासन देकर स्थिति को शांत कराया। थानाध्यक्ष मोहन प्रसाद सिंह ने बताया कि अभी तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। हंगामे के कारण विद्यालय में संचालित परीक्षा को स्थगित करना पड़ा। उल्लेखनीय है कि जिन प्रधानाध्यापक पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्हें इसी वर्ष शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा सम्मानित किया गया था। इस घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
आरोपों को खारिज करते हुए प्रधानाध्यापक संजय कुमार ने कहा कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आरोप 15 दिन पुराने बताए जा रहे हैं, जबकि अगर ऐसी कोई घटना होती तो तत्काल शिकायत की जाती। उन्होंने विद्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। यह घटना गुरु-शिष्य के पवित्र संबंधों पर गंभीर सवाल खड़े करती है और समाज में शिक्षक के भरोसे को चुनौती देती है।



