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इसके बाद सुनियोजित तरीके से उसकी हत्या की गई और सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव के टुकड़े कर गंगा नदी में फेंक दिए गए। पुलिस के अनुसार इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड मृतक का सगा मामा संतोष दास है। हैरान करने वाली बात यह रही कि हत्या के बाद भी संतोष दास खुद थाने पहुंचा और भांजे के लापता होने की झूठी सूचना दर्ज कराई। वह लगातार पुलिस को भ्रमित करता रहा और जांच के दौरान भी सामान्य व्यवहार करता नजर आया, जिससे शुरुआत में किसी को उस पर शक नहीं हुआ।
नाथनगर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल और आरोपियों से की गई सख्त पूछताछ के आधार पर महज तीन दिनों में पूरे मामले का खुलासा कर दिया। इस हत्याकांड में संतोष दास के अलावा राधे मंडल, ऋतिक कुमार और आयुष कुमार को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर शाहपुर गंगा घाट के पास से मृतक के कटे हुए अंग बरामद किए गए। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी संतोष दास पहले भी साइबर अपराध के मामलों में जेल जा चुका है और उसका आपराधिक इतिहास रहा है। इस घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने बताया कि मामले में चार्जशीट तैयार की जा रही है और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी।



