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बेलाव थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपियों के पास से दो मोटरसाइकिल, पांच मोबाइल फोन, पशु को बेहोश करने में प्रयुक्त होने वाली 100 एमएल की दवा की शीशी और एक सुई बरामद की गई है। थानाध्यक्ष परमहंस कुमार ने बताया कि ग्रामीणों को सूचना मिली थी कि कुछ लोग एक भैंसा को चारों तरफ से घेरकर पहाड़ी रास्ते से ले जा रहे हैं। संदेह होने पर ग्रामीण एकजुट हुए और मौके पर पहुंचकर छह लोगों को पकड़ लिया। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और ग्रामीणों से सभी आरोपियों को अपने कब्जे में लिया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने गिरोह बनाकर पशु तस्करी करने की बात स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि वे पहले भी अलग-अलग स्थानों से पशु खरीद-बिक्री के नाम पर अवैध ढंग से ले जाने का काम कर चुके हैं। बरामद दवा का इस्तेमाल पशुओं को बेहोश करने के लिए किया जाता था, ताकि उन्हें आसानी से ले जाया जा सके। गिरफ्तार आरोपियों में कुदरा, सोनहन, भगवानपुर और बेलाव थाना क्षेत्रों के विभिन्न गांवों के निवासी शामिल हैं। तलाशी के दौरान एक स्प्लेंडर और एक प्लेटिना बाइक के साथ अन्य सामान जब्त किया गया।
सभी आरोपियों को रातभर थाना हाजत में रखने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और फिर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बरामद भैंसा को स्थानीय पशुपालक को जिम्मेनामा पर सौंप दिया गया है। घटना के बाद गांव में चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर कार्रवाई नहीं होती तो पशु तस्कर भैंसा लेकर फरार हो जाते। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।




