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ईंट-भट्ठे पर काम करते हुए हुई थी मुलाकात
जानकारी के अनुसार, वर महेंद्र यादव करमचट थाना क्षेत्र के अमाव गांव निवासी सीताराम यादव के पुत्र हैं। वहीं वधू खुशबू कुमारी झारखंड के डाल्टेनगंज निवासी वीरेंद्र चौहान की पुत्री हैं। दोनों मझिआंव गांव के एक ईंट-भट्ठे पर कार्यरत थे। इसी दौरान दोनों के बीच परिचय हुआ, जो समय के साथ गहरे संबंध में बदल गया।
परिवारों की सहमति से लिया गया निर्णय
जब दोनों के रिश्ते की जानकारी परिवारों को मिली, तो आपसी बातचीत और सहमति के बाद विवाह का निर्णय लिया गया। खास बात यह रही कि शादी पूरी तरह बिना दहेज के संपन्न करने का संकल्प लिया गया। समाज को सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से इस निर्णय को खुले तौर पर स्वीकार किया गया।
युवाओं की देखरेख में हुआ आयोजन
नाथ बाबा परिसर में आयोजित इस विवाह समारोह की व्यवस्था श्रीनाथ बाबा सेवा समिति के युवाओं ने संभाली। दिन के समय ही सादगी और अनुशासन के साथ सभी रस्में पूरी की गईं। पंडित द्वारा वैदिक मंत्रों के बीच सात फेरे कराए गए, जिसके साथ ही दोनों ने जीवनभर साथ निभाने का वचन लिया।
ग्रामीणों ने की सराहना
विवाह समारोह में गांव और आसपास के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। लड़के पक्ष ने विवाह का संपूर्ण खर्च उठाया और अतिथियों के लिए भोज की व्यवस्था भी की गई। उपस्थित लोगों ने बिना दहेज और अंतरजातीय विवाह के इस निर्णय की सराहना की। ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह के विवाह दहेज प्रथा और जातिगत भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। यह आयोजन समाज में समानता, आपसी समझ और प्रेम का संदेश देता है।





