Bihar, कैमूर: बिहार सरकार के पूर्व श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह ने गुरुवार को कैमूर जिले के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएँ गांव और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर केंद्रित हैं।
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मंत्री संतोष कुमार सिंह ने कहा कि ‘वी राम जी योजना’ ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इस योजना के माध्यम से गांवों के श्रमिकों और मजदूरों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और उनकी जीवन स्थिति में सुधार होगा।
उन्होंने बताया कि अब तक मनरेगा योजना के तहत 100 दिन की रोजगार गारंटी थी, जबकि नई योजना के अंतर्गत 125 दिन की रोजगार गारंटी प्रदान की जाएगी। यदि किसी श्रमिक को 125 दिनों का कार्य उपलब्ध नहीं हो पाता है, तो शेष दिनों की मजदूरी सीधे उनके बैंक खाते में सरकार द्वारा भेजी जाएगी। उदाहरणस्वरूप, यदि किसी श्रमिक को 125 दिनों के बदले केवल 100 दिन का कार्य मिला, तो शेष 25 दिनों की मजदूरी की राशि उनके खाते में स्थानांतरित की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि चाहे योजना केंद्र सरकार की हो या राज्य सरकार की, सभी योजनाओं में श्रमिकों को कार्य उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार होगा।
उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम के त्याग, समर्पण और आदर्श चरित्र से प्रेरित होकर इस योजना का नाम ‘वी राम जी योजना’ रखा गया है। मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस योजना का विरोध करने वालों को यह समझना चाहिए कि इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि विकसित भारत के लक्ष्य को आधारभूत मजबूती भी मिलेगी। जब गांव सशक्त होंगे, तभी देश भी सशक्त बनेगा।
प्रेसवार्ता के दौरान एनडीए के कई कार्यकर्ता एवं नेता उपस्थित रहे। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश पांडेय, भभुआ की पूर्व विधायक रिंकी रानी पांडेय, चंद्रभान सिंह पटेल, रघुवंश राम, संतोष खरवार, जदयू के अजय सिंह, अरविंद राय, विशंभर तिवारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।



