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भारतमाला एक्सप्रेसवे निर्माण में लापरवाही का आरोप, पीएनसी कंपनी पर 8.5 लाख से अधिक की क्षति का केस दर्ज

कैमूर में भारतमाला निर्माण के दौरान बिजली लाइन क्षतिग्रस्त, पीएनसी कंपनी पर 8.5 लाख का केस दर्ज, kaimur-bharatmala-project-pnc-company-electricity-damage-case

कैमूर (बिहार)। चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में वाराणसी–रांची–कोलकाता भारतमाला एक्सप्रेसवे परियोजना के निर्माण कार्य के दौरान विद्युत संरचना को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। विद्युत विभाग ने सड़क निर्माण करा रही पीएनसी कंपनी के विरुद्ध 8 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की क्षति को लेकर चैनपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
11 केवी लाइन क्षतिग्रस्त, 12 गांवों की आपूर्ति ठप

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भभुआ ग्रामीण क्षेत्र के सहायक विद्युत अभियंता संतन कुमार कौशल द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार 24 फरवरी की रात करीब 8:40 बजे सूचना मिली कि ग्राम मसोई खुर्द के समीप पीएनसी गोदाम के पास नहर किनारे एक हाईवा डंपर ने तेज और अनियंत्रित गति से चलते हुए सड़क किनारे लगे 11 केवी दारूणपुर फीडर के इंसुलेटर ब्रैकेट को क्षतिग्रस्त कर दिया।

इस घटना से आसपास के लगभग 12 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। विभाग ने इस नुकसान से करीब 3 लाख 10 हजार रुपये राजस्व हानि का अनुमान लगाया है।

लाइन शिफ्टिंग से पहले ही शुरू कर दिया निर्माण
आवेदन में यह भी उल्लेख है कि नियमानुसार सड़क निर्माण से पूर्व विद्युत लाइन शिफ्टिंग का कार्य पूर्ण होना आवश्यक है। आरोप है कि पीएनसी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अमित कुमार की देखरेख में बिना लाइन शिफ्टिंग के ही निर्माण कार्य कराया जा रहा था, जिससे यह नुकसान हुआ।

दूसरे फीडर को भी पहुंची क्षति
25 फरवरी 2026 की शाम करीब 5:30 बजे भारतमाला परियोजना के तहत चल रहे कार्य के दौरान 11 केवी बिऊर फीडर की लाइन भी क्षतिग्रस्त कर दी गई। इससे साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड को लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये की अतिरिक्त क्षति हुई।

अवैध बिजली उपयोग का भी मामला
इसी क्रम में 25 फरवरी की रात लगभग 11 बजे सिकंदरपुर और गाजीपुर में निर्माणाधीन पुल-पुलिया कार्य के दौरान बिना वैध कनेक्शन के बिजली उपयोग का मामला सामने आया। आरोप है कि अनमोल शिवहरी (पिता–राकेश शिवहरि, ग्राम गाजीपुर) द्वारा वेल्डिंग कार्य के लिए अवैध रूप से विद्युत आपूर्ति का प्रयोग किया जा रहा था।
मौके पर जांच के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। विभाग ने इस अवैध उपभोग से 4 लाख 36 हजार 900 रुपये की क्षति का आंकलन किया है।

प्राथमिकी दर्ज, जांच शुरू
चैनपुर थानाध्यक्ष विजय प्रसाद ने बताया कि विद्युत विभाग के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। बिजली विभाग की इस कार्रवाई से भारतमाला परियोजना में सुरक्षा मानकों और नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

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