Bihar, Bhagalpur: राज्य की खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लेशी सिंह ने नवगछिया अनुमंडल के बिहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में ड्यूटी पर तैनात एक चिकित्सक पर नशे की हालत में कार्य करने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले को लेकर प्रशासन में हड़कंप मच गया है और जांच के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है।
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जानकारी के मुताबिक, मंत्री लेशी सिंह सोमवार देर रात पटना से पूर्णिया जा रही थीं। इसी दौरान उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानी महसूस हुई। इसके बाद वे एनएच-31 स्थित बिहपुर सीएचसी में स्वास्थ्य जांच के लिए रुकीं।
सीएचसी में ड्यूटी पर तैनात एएनएम हेमा कुमारी ने मंत्री का ब्लड प्रेशर 190/150 दर्ज किया। कुछ देर बाद चिकित्सक डॉ. सैफूल्ला ने जांच कर बीपी 150/80 बताया। दोनों रिपोर्टों में भारी अंतर सामने आने पर मंत्री ने दोबारा एएनएम से जांच कराई, जिसमें फिर 190/150 बीपी दर्ज किया गया। रिपोर्ट में विरोधाभास देख मंत्री ने डॉक्टर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और नशे की आशंका जताते हुए वरीय अधिकारियों को तत्काल सूचना दी।
शिकायत मिलते ही बिहपुर थाना पुलिस ब्रेथ एनालाइजर के साथ सीएचसी पहुंची। हालांकि, मंत्री के वहां से रवाना होने के बाद संबंधित चिकित्सक मौके से अनुपस्थित मिले। देर रात करीब 1:45 बजे थानाध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा भी अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टर वहां मौजूद नहीं थे। बताया जा रहा है कि आरोपी चिकित्सक का मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ है।
तीन सदस्यीय जांच टीम गठित मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच टीम का गठन किया है। टीम में शामिल हैं — नवगछिया के कार्यपालक दंडाधिकारी सुधीर कुमार, अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. पिंकेश कुमार
जांच टीम ने सीएचसी पहुंचकर ड्यूटी पर तैनात कर्मियों से पूछताछ की और पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की।
सीएचसी प्रभारी सह चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मुरारी पोद्दार ने बताया कि सोमवार देर रात करीब एक बजे सूचना मिली कि अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं है। इसके बाद तत्काल दूसरे डॉक्टर की तैनाती की गई।
जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित चिकित्सक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।



