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उन्होंने अस्पताल परिसर में ही वाहन खड़ा किया और अंदर चले गए। करीब एक घंटे बाद जब वे लौटे तो देखा कि ऑटो का ताला टूटा हुआ है और बैटरी गायब है। हैरानी की बात यह है कि वाहन गार्ड के पास ही खड़ा था, बावजूद इसके चोरों ने बेखौफ होकर घटना को अंजाम दे दिया। पीड़ित ने जब गार्ड से शिकायत की तो उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बताया गया कि यहां ऐसी घटनाएं आम हो चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह में यह दूसरी बड़ी चोरी है। इससे पहले भी एक सीएनजी ऑटो की बैटरी चोरी हो चुकी है। इतना ही नहीं, अस्पताल परिसर से बाइक चोरी की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जिनकी शिकायत थाने में दर्ज है, लेकिन अब तक कोई बरामदगी नहीं हो पाई है।
पीड़ित संतोष कुमार ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि गरीब लोग इलाज के लिए यहां आते हैं, लेकिन अगर उनके सामान की सुरक्षा ही नहीं होगी तो वे कैसे भरोसा करेंगे। उन्होंने प्रशासन से चोरों की जल्द गिरफ्तारी और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। फिलहाल पीड़ित इस मामले की लिखित शिकायत थाना में देने की तैयारी कर रहा है। वहीं, लगातार हो रही इन घटनाओं से अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।



