Bihar, कैमूर (भभुआ): भभुआ सदर अस्पताल में गुरुवार दोपहर सीटी स्कैन को लेकर जमकर हंगामा हुआ। मोहनियां भाग-3 की जिला परिषद सदस्य सह जदयू महासचिव गीता गुप्ता ने सीटी स्कैन कक्ष के बाहर अनियमितता का आरोप लगाते हुए आपत्ति जताई। उनका कहना था कि अस्पताल कर्मी ने उन्हें ‘दलाल’ कहकर संबोधित किया, जिससे विवाद और बढ़ गया।
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“बच्चे का नंबर होने के बावजूद नहीं बुलाया” – गीता गुप्ता
जिला परिषद सदस्य गीता गुप्ता ने बताया कि वह एक मरीज बच्चे रितिक को सीटी स्कैन कराने सदर अस्पताल लाई थीं। पर्ची कटवाने के बाद बच्चे को लाइन में लगाया गया, लेकिन करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बावजूद उसका नंबर नहीं आया। आरोप है कि बच्चे के नंबर के बजाय अन्य मरीजों को अंदर भेजा जा रहा था।
जब उन्होंने संबंधित कर्मी से इस बारे में पूछताछ की तो कथित तौर पर उनसे अभद्र व्यवहार किया गया और ‘आपके कहने से हम नहीं करेंगे’ जैसी बात कही गई। गीता गुप्ता का आरोप है कि उन्हें ‘दलाल’ कहा गया, जिसके बाद उन्होंने कड़ा विरोध जताया।
उन्होंने कहा कि इस तरह की मनमानी पहले भी सामने आ चुकी है। यदि एक जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, तो आम मरीजों के साथ कैसा व्यवहार होता होगा, यह गंभीर चिंता का विषय है।
“इमरजेंसी मरीजों को प्राथमिकता दी गई” – सीटी स्कैन इंचार्ज
वहीं, सीटी स्कैन इंचार्ज सुकांतू घोष ने बताया कि सभी मरीजों का क्रम निर्धारित था। जिन मरीजों को पहले अंदर भेजा गया, वे इमरजेंसी केस थे। उनके अनुसार, संबंधित महिला चाहती थीं कि उनके साथ आए मरीज का सीटी स्कैन पहले कर दिया जाए, जबकि दो गंभीर मरीजों को तत्काल जांच की आवश्यकता थी।
समझाने के बाद शांत हुआ मामला
मौके पर मौजूद अस्पताल कर्मियों और अन्य लोगों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को शांत कराया गया। फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से मामले की आंतरिक समीक्षा की बात कही जा रही है। घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और मरीजों के प्रति व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे हैं।



