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सुबह काफी देर तक जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों को शक हुआ। दरवाजा खोलने पर अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। कमरे में मौजूद पांचों लोग बेहोशी की हालत में पड़े मिले। आनन-फानन में सभी को पावापुरी मेडिकल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान 50 वर्षीय श्री यादव और उनके 1 वर्षीय नाती आशीष कुमार ने दम तोड़ दिया। वहीं श्री यादव की पत्नी सरो देवी, बेटी इंदु देवी और नतनी सपना कुमारी की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की निगरानी में तीनों का इलाज किया जा रहा है।
मृतक के परिजन नीतीश कुमार ने बताया कि इंदु देवी का हाल ही में ऑपरेशन हुआ था, जिस कारण वह इलाज और देखभाल के लिए अपने मायके आई हुई थीं। इसी दौरान पूरा परिवार एक ही कमरे में सो रहा था और ठंड से बचाव के लिए बोरसी जलाई गई थी, जो हादसे का कारण बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस ने लोगों से बंद कमरे में बोरसी या अंगीठी जलाने से बचने की अपील की है।



