Homeपटनाबिहार विधानसभा में बड़े फैसले: सचिवालय सेवा में 85% सीधी बहाली, कई...

बिहार विधानसभा में बड़े फैसले: सचिवालय सेवा में 85% सीधी बहाली, कई अहम विधेयकों को मंजूरी

बिहार विधानसभा में सचिवालय सेवा संशोधन पारित, 85% पदों पर सीधी नियुक्ति

Bihar | पटना: बिहार विधानसभा के गुरुवार के सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। सरकार ने प्रशासनिक सुधार, वित्तीय पारदर्शिता, अधिवक्ताओं के कल्याण और शिक्षा व्यवस्था में नियंत्रण को लेकर अहम निर्णय लिए। चर्चा के बाद सभी विधेयकों को ध्वनिमत से मंजूरी दे दी गई।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

सचिवालय सेवा में भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव
बिहार विधानसभा में पारित बिहार सचिवालय सेवा (संशोधन) विधेयक के तहत सहायक प्रशाखा पदाधिकारी ग्रेड के 85 प्रतिशत पदों पर सीधी नियुक्ति की जाएगी। यह बहाली बिहार कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से होगी।
परिवीक्षा अवधि 2 वर्ष से घटाकर 1 वर्ष की गई। भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और त्वरित बनाने पर जोर।

सूक्ष्म वित्त संस्थाओं पर सख्ती
बिजेंद्र यादव ने बिहार सूक्ष्म वित्त संस्थाएं (धन उधार विनियमन एवं प्रपीड़क कार्रवाई निवारण) विधेयक पेश किया।
उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य: सूक्ष्म वित्त संस्थाओं और छोटे ऋण प्रदाताओं को विनियमित करना, अनैतिक वसूली पर रोक लगाना, पारदर्शी एवं उचित ब्याज दर सुनिश्चित करना, सदन ने चर्चा के बाद विधेयक को पारित कर दिया।

अधिवक्ताओं के लिए कल्याण निधि में बढ़ोतरी
श्रवण कुमार ने बिहार अधिवक्ता कल्याण निधि (संशोधन) विधेयक पेश किया। कल्याण निधि राशि ₹25 से बढ़ाकर ₹50 की गई। अधिवक्ताओं के हितों की सुरक्षा पर सरकार का जोर।  निजी शिक्षण संस्थानों पर निगरानी, बिहार निजी व्यावसायिक शैक्षणिक संस्थान (नामांकन विनियमन एवं शुल्क निर्धारण) विधेयक के तहत: नामांकन विनियमन एवं शुल्क निर्धारण समिति गठित होगी। फीस संरचना और प्रवेश प्रक्रिया पर निगरानी रखी जाएगी। छात्रों और अभिभावकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित होगी।

व्यापारिक माहौल सुधारने की पहल
विजय कुमार सिन्हा ने बिहार जनविश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक को राज्य में व्यावसायिक वातावरण को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया। लघु एवं तकनीकी प्रकृति के अपराधों के आपराधिकरण को समाप्त करने पर जोर। व्यापार और उद्योग को प्रोत्साहन देने की पहल। इन सभी विधेयकों के पारित होने के साथ राज्य सरकार ने प्रशासनिक सुधार, आर्थिक नियंत्रण और जनहित से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट की है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments