Bihar, कैमूर (भभुआ): जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (सामाजिक सुरक्षा कोषांग) के बंद होने के बाद एक पूर्व कर्मी पिछले कई वर्षों से अपने बकाया वेतन के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे पीड़ित ने अब जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है।
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दुर्गावती थाना क्षेत्र के कर्णपुरा गांव निवासी स्व. पुनर्वाशी राम के पुत्र फुलेश्वर राम ने बताया कि वे 1 मार्च 2011 से 30 दिसंबर 2015 तक जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र, कैमूर में पियून के पद पर कार्यरत थे। उनकी बहाली वर्ष 2010 में हिंदुस्तान समाचार पत्र में प्रकाशित विज्ञापन (डीआरसी 11778, कल्याण 10-11) के आधार पर जिलाधिकारी स्तर से हुई थी। उन्हें प्रति माह 3700 रुपये वेतन मिलता था।
फुलेश्वर राम के अनुसार शुरुआती चार वर्षों तक नियमित वेतन मिला, लेकिन 2014 से 2015 के बीच का भुगतान अब तक लंबित है। इसी दौरान वर्ष 2015 के बाद केंद्र भी बंद हो गया। तब से वे अपने बकाया वेतन और पुनर्नियोजन की मांग को लेकर विभिन्न विभागों का चक्कर काट रहे हैं।
पीड़ित का कहना है कि वर्षों से आश्वासन मिल रहा है, लेकिन समाधान नहीं हुआ। लगातार बेरोजगारी और बकाया वेतन के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय हो चुकी है। उन्होंने कहा कि परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है।
अपनी मांगों को लेकर फुलेश्वर राम ने कैमूर जिलाधिकारी को आवेदन सौंपा है। उन्होंने बकाया वेतन भुगतान के साथ-साथ जिले में किसी भी विभाग में पुनः नियुक्ति की मांग की है।
जिलाधिकारी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि फंड उपलब्ध होने पर बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा तथा नियुक्ति के विषय में भी विचार किया जाएगा। फिलहाल, पीड़ित को प्रशासनिक कार्रवाई और ठोस निर्णय का इंतजार है।



