Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
हालांकि, कुछ समय बाद प्रसूता को तेज रक्तस्राव शुरू हो गया। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे वाराणसी रेफर कर दिया। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन द्वारा एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके चलते परिजन उसे टेंपो से लेकर वाराणसी के लिए रवाना हुए।
इसी दौरान टोल प्लाजा के पास रास्ते में ही कुसुम देवी ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और वे अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
वहीं, अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि प्रसव सुरक्षित हुआ था और शुरुआती इलाज के बाद स्थिति सामान्य हो गई थी, लेकिन बाद में दोबारा रक्तस्राव शुरू होने पर मरीज को रेफर किया गया। एम्बुलेंस नहीं मिलने के आरोपों की जांच के लिए संबंधित जीएनएम, आशा कार्यकर्ता और एम्बुलेंस चालक से जवाब मांगा गया है। मामले में मोहनिया थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।



