Bihar, कैमूर (चैनपुर): कैमूर जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मदुरना पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ा घूसखोरी का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आवास सहायक सौरभ पांडे को खुलेआम रिश्वत लेते हुए देखा जा रहा है।
वायरल वीडियो में पीएम आवास योजना के लाभुक हरिश्चंद्र सिंह, निवासी सिरसी शाहपुर, आवास सहायक को पैसे देते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि जियो टैग करने के नाम पर 1000 रुपये की मांग की गई थी, जिसे लाभुक द्वारा मजबूरी में दिया गया।
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लाभुक का आरोप: बिना पैसे दिए नहीं होता कोई काम
पीएम आवास योजना के लाभुक हरिश्चंद्र सिंह (पिता- स्व. राजनाथ सिंह) ने बताया कि आवास सहायक सौरभ पांडे द्वारा बार-बार पैसे की मांग की जा रही थी। उन्होंने कहा कि,
“बिना पैसा दिए किसी का कोई काम नहीं हो रहा है। जियो टैग के नाम पर 1000 रुपये मांगे गए थे।”
ग्रामीणों ने भी की पुष्टि
इस वायरल वीडियो की पुष्टि करते हुए ग्राम कौड़ियाचक निवासी कमलेश कुमार ने बताया कि प्रखंड कार्यालय में बिना घूस दिए कोई काम नहीं होता।
उन्होंने आरोप लगाया कि आवास योजना में नाम जोड़ने के लिए 2000 रुपये और जियो टैग के लिए 1000 रुपये खुलेआम वसूले जा रहे हैं।
मुखिया का बयान: शिकायत के बाद बनवाई गई वीडियो
मदुरना पंचायत के मुखिया सुभाष सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने पंचायत के सभी लाभार्थियों को पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि आवास योजना में किसी भी प्रकार की रिश्वत नहीं देनी है।
मुखिया के अनुसार,
“हरिश्चंद्र सिंह लगातार शिकायत कर रहे थे कि आवास सहायक पैसे की मांग कर रहा है। इसके बाद उसी को घूस देने के लिए कहा गया और पूरी घटना का वीडियो बनवाया गया।”
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
गौरतलब है कि इससे पहले भी कैमूर जिले में आवास योजना के तहत जियो टैग, नाम जोड़ने और किस्त जारी करने के नाम पर कमीशनखोरी के मामले सामने आ चुके हैं। कुछ समय पूर्व जगरिया पंचायत की एक महिला आवास सहायक का भी घूस लेते वीडियो वायरल हुआ था, जिस पर प्रशासन ने कार्रवाई की थी।
बीडीओ से नहीं हो सका संपर्क
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया लेने के लिए जब चैनपुर बीडीओ शुभम प्रकाश से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। बाद में जानकारी मिली कि वे पटना में किसी प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने गए हुए हैं।
जागरूक लाभुक कर रहे खुलासा, गरीब चुप
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है। जागरूक लाभुक जहां घूसखोरी का भंडाफोड़ कर रहे हैं, वहीं कई सीधे-साधे गरीब लाभुक मजबूरी में पैसे देकर चुप रह जा रहे हैं, जिससे यह अवैध वसूली का सिलसिला लगातार जारी है।
नोट:- वायरल वीडियो की पुष्टि एनएस न्यूज़ नहीं करता।



