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दोनों निष्कासित नेता अपने जिले से एमएलसी की उम्मीदवारी चाह रहे थे जो कि ना मिलने पर उन्होंने अपना बागी तेवर अपना लिया और खुद निर्दलीय होकर मैदान में खड़े हो गए, इसके बाद पार्टी ने इस तरह के बागियों पर कार्रवाई करते हुए बाहर का रास्ता रास्ता दिखा दिया है।

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बताते चलें कि गुलाब यादव 2015 में मधुबनी के झंझारपुर से विधायक चुने गए थे, 2019 में भी लोकसभा में राजद के उम्मीदवार थे लेकिन उस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, इस बार के चुनाव में राजद ने मधुबनी से मेराज आलम को उमीदवार घोषित किया है, पार्टी के इस फैसले से पूर्व विधायक गुलाब यादव नाराज थे और उन्होंने अपना बागी तेवर दिखाते हुए अपनी पत्नी अंबिका गुलाब यादव को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतारने की घोषणा कर दी, बागी तेवर के कारण पार्टी ने उन्हें पहले शोकाॅज नोटिस भेजा था, जिसके बाद पार्टी ने उन्हें बाहर कर दिया।
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वही राजद ने हरसिद्धि के पूर्व विधायक महेश्वर सिंह को 6 साल के निष्कासित किया है, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने महेश्वर को भेजे पत्र में कहा है कि कई बार आपको मना किया जा चुका है कि स्थानीय प्राधिकार चुनाव में पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करना है लेकिन आप पार्टी के अनुशासन के खिलाफ कार्य कर रहे हैं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के अनुरोध को नहीं मानकर दल विरोधी गतिविधियों में शामिल होने कारण आपको राजद से 6 वर्षों के लिए निष्कासित किया जाता है, बता दे कि महेश्वर सिंह मोतिहारी से एमएलसी टिकट चाह रहे थे लेकिन वहां राजद ने बबलू देव को उम्मीदवार बना दिया ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि महेश्वर सिंह निर्दलीय खड़े हो रहे हैं।