Bihar | कैमूर (भभुआ): जल्दी अमीर बनने का लालच एक किसान को भारी पड़ गया। “500 का नोट डबल” करने का झांसा देकर साढ़े छह लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के मुख्य सरगना को कैमूर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
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सोनहन थाना क्षेत्र के खनेठी गांव निवासी रामसेवक सिंह ने 15 फरवरी 2026 को शिकायत दर्ज कराई। उनके मुताबिक 30 जनवरी को खेत पर काम करते समय एक अनजान व्यक्ति ने जमीन खरीद-बिक्री के बहाने बातचीत शुरू की। बातों-बातों में उसने 500 रुपये के नोट “डबल” करने का दावा किया।
आरोपी ने सफेद कागज में लिपटे नोटों का बंडल दिखाया और कहा कि उन पर खास केमिकल की परत चढ़ी है, जिसे पानी से साफ करने पर असली 500 के नोट निकलते हैं। मौके पर एक तथाकथित “डेमो” दिखाकर भरोसा जीत लिया गया। इसके बाद 5 फरवरी को खनेठी के सिवान में रामसेवक सिंह से साढ़े छह लाख रुपये ले लिए गए और बदले में पीले लिफाफे में नकली बंडल थमा दिया गया। “पुलिस आने” की बात कहकर दोनों ठग रकम लेकर फरार हो गए।
मामला दर्ज होते ही सोनहन थाना पुलिस ने जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान गिरोह के मुख्य सरगना रविंद्र प्रजापति (गांव डंडवास, थाना मोहनिया) को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह संगठित गिरोह है, जो केमिकल और नकली बंडल का सहारा लेकर लोगों को ठगता है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है, जबकि अन्य साथियों की तलाश जारी है।
भभुआ एसडीपीओ मनोरंजन भारती ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा, “पैसा डबल करने का कोई फॉर्मूला नहीं होता। ऐसे प्रलोभन महज ठगी के हथकंडे हैं। मेहनत से ही कमाई संभव है।”
प्रशासन ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें और किसी भी तरह के ‘नोट डबल’ या ‘केमिकल ट्रिक’ जैसे झांसे में न आएं।



