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नीट छात्रा मौत मामला: अंदरुनी वस्त्र से मिले मानव शुक्राणु अवशेष, थानेदार समेत दो पुलिस अफसर निलंबित

नीट छात्रा मौत मामला: अंदरुनी वस्त्र से शुक्राणु अवशेष, 2 पुलिस अफसर निलंबित

Bihar, पटना: पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की बायोलॉजिकल रिपोर्ट मिल गई है, जिसमें मृत छात्रा के एक अंतःवस्त्र से मानव शुक्राणु के अवशेष पाए जाने की पुष्टि हुई है।

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पटना पुलिस ने शनिवार देर रात आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि छात्रा के परिजनों ने 10 जनवरी को मृतका के कुछ कपड़े पुलिस को सौंपे थे, जिन्हें जांच के लिए एफएसएल भेजा गया था। जांच के दौरान कथित तौर पर घटना के समय पहने गए एक अंदरुनी वस्त्र पर शुक्राणु के अवशेष मिले हैं। अब एफएसएल द्वारा डीएनए प्रोफाइल तैयार की जा रही है, जिसे पहले से गिरफ्तार अभियुक्त और एसआईटी द्वारा चिह्नित अन्य संदिग्धों के डीएनए सैंपल से मिलाया जाएगा।

लापरवाही पर गिरी गाज, थानाध्यक्ष समेत दो निलंबित
मामले की समीक्षा के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आने पर पुलिस मुख्यालय ने कड़ी कार्रवाई की है।
कदमकुआं थाना के अपर थानाध्यक्ष (अवर निरीक्षक) हेमंत झा और
चित्रगुप्त नगर थाना की थानाध्यक्ष (अवर निरीक्षक) रोशनी कुमारी
को आसूचना संकलन और समय पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

यौन हिंसा की आशंका पहले से, अब रिपोर्ट ने बढ़ाई गंभीरता
इस बीच सोशल मीडिया पर एक डॉक्टर का बयान वायरल हुआ, जिसमें बताया गया कि एसआईटी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सेकंड ओपिनियन के लिए एम्स भेजा है। रिपोर्ट के साथ इलाज करने वाले पहले डॉक्टर का बयान और अन्य मेडिकल दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं। मेडिकल बोर्ड पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद हर पहलू और सूक्ष्म तथ्यों की जांच कर अंतिम राय देगा।
गौरतलब है कि प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही यह उल्लेख किया गया था कि छात्रा के साथ यौन हिंसा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अब फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने आने के बाद इस आशंका को और बल मिला है।

सीसीटीवी से लेकर मोबाइल सर्च हिस्ट्री तक खंगाल रही SIT
एसआईटी मामले की तह तक जाने के लिए हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है। छात्रा आखिरी बार जहानाबाद कब गई और कब पटना हॉस्टल लौटी, बेहोशी की हालत में उसे किस समय और किस अस्पताल ले जाया गया, पटना जंक्शन से हॉस्टल तक के सभी सीसीटीवी फुटेज, हॉस्टल के कमरे में प्रवेश से लेकर बाहर निकाले जाने तक की मिनट-दर-मिनट गतिविधियां, सभी फुटेज की बारीकी से जांच की जा चुकी है।

इसके अलावा, छात्रा के मोबाइल की गूगल सर्च हिस्ट्री में “सुसाइड” और “नींद की दवा” से जुड़े सर्च, साथ ही यूरिन सैंपल में नींद की गोली की मात्रा मिलने के पीछे की वजह भी जांच के दायरे में है। इसी सिलसिले में एसआईटी की टीम जहानाबाद स्थित एक मेडिकल स्टोर तक पहुंची और वहां पूछताछ की गई।

हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही पुलिस
एसआईटी के गठन के बाद पुलिस पूरे मामले में अत्यधिक सतर्कता बरत रही है। हर तथ्य, हर बयान और हर तकनीकी साक्ष्य को जोड़कर छात्रा की मौत के पीछे की सच्चाई सामने लाने की कोशिश की जा रही है।

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