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नालंदा के शीतला मंदिर में भीषण भगदड़, 9 महिलाओं की मौत; भीड़ प्रबंधन पर प्रशासन घिरा

नालंदा शीतला मंदिर भगदड़: 9 महिलाओं की मौत, कई घायल; भीड़ प्रबंधन पर उठे सवाल

Bihar: नालंदा, आस्था और श्रद्धा के बीच एक बड़ा हादसा सामने आया है। दीपनगर थाना क्षेत्र के मधड़ा स्थित शीतला मंदिर परिसर में मंगलवार को पूजा के दौरान अचानक मची भगदड़ ने नौ महिलाओं की जान ले ली, जबकि कई अन्य श्रद्धालु घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। मंगलवार को चैत माह का अंतिम मंगलवार होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की असाधारण भीड़ उमड़ी थी। सुबह से ही महिलाएं, पुरुष और बच्चे मां शीतला की पूजा के लिए मंदिर पहुंच रहे थे।  प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर में भीड़ लगातार बढ़ती जा रही थी, लेकिन प्रवेश और निकास की व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी।

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बताया जा रहा है कि इसी दौरान कुछ लोगों को पीछे के रास्ते से अंदर आने दिया गया। इससे अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। कुछ ही पलों में अफरातफरी मच गई और भगदड़ शुरू हो गई। भगदड़ के दौरान कई महिलाएं गिर पड़ीं और भीड़ के दबाव में लोग उनके ऊपर से गुजरते चले गए। हादसे के बाद मंदिर परिसर में चीख-पुकार मच गई। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान आठ महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला ने बाद में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घायलों का इलाज जारी है और कुछ की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।   घटना की जानकारी मिलते ही जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अनुमंडलाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।

प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। आपदा राहत मद से 4 लाख रुपये, मुख्यमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपये और प्रधानमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपये देने की बात कही गई है। साथ ही घायलों को भी आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। इधर, इस दर्दनाक घटना के बाद पीड़ित परिवारों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का आरोप है कि इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई थी। यदि पहले से बेहतर तैयारी होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित करने की बात कही है। एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया है और मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है, ताकि हादसे के कारणों का स्पष्ट पता चल सके। इस घटना के बाद पूरे नालंदा जिले में शोक का माहौल है और मृतकों के घरों में मातम पसरा हुआ है।

 

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