Bihar | कैमूर (चैनपुर): कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड अंतर्गत नगर पंचायत हाटा में स्थित बिहार सरकार की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने को लेकर ग्रामीणों की लड़ाई पिछले पांच वर्षों से जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। इससे नाराज ग्रामीणों ने एक बार फिर चैनपुर अंचलाधिकारी से मिलकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
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मामले की जानकारी देते हुए संत दयाल गुप्ता और चंदन केसरी ने बताया कि हाटा खरिगांवा मुख्य मार्ग पर स्थित बस स्टैंड के पास एक सरकारी गडही (तालाब) है, जिसकी कुल भूमि लगभग 43 डिसमिल है। इस भूमि के किनारे पहले करीब 50 फीट चौड़ी सड़क हुआ करती थी, लेकिन धीरे-धीरे स्थानीय लोगों द्वारा अतिक्रमण कर सड़क की चौड़ाई घटाकर मात्र 15 से 20 फीट कर दी गई है। वर्तमान में उक्त गडही भी सिमटकर केवल 15 डिसमिल ही बची है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस गंभीर मामले को लेकर वर्ष 2020 में बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज कराई गई थी। उस समय कुछ स्तर पर कार्रवाई जरूर हुई, लेकिन वह अधूरी रह गई, जिससे अतिक्रमण पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका। अब एक बार फिर अंचलाधिकारी से मिलकर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की गई है।इस संबंध में चैनपुर अंचलाधिकारी अनिल प्रसाद सिंह ने बताया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर पूर्व से वाद चल रहा है। हाल ही में उनकी पोस्टिंग चैनपुर अंचल में हुई है, इसलिए पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली जा रही है। उन्होंने बताया कि सभी तथ्यों की जांच के बाद भूमि की नापी कराई जाएगी और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में बड़े आंदोलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।



